तीसरी लहर का डर, झांसी में बच्चों के लिए 50 डाक्टर
झांसी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की तरफ से कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। मगर सबसे बड़ी समस्या बाल रोग विशेषज्ञों (पीडियाट्रीशियन) को लेकर है। बताया गया कि झांसी में 50 पीडियाट्रीशियन हैं। जबकि, शून्य से 14 साल तक के पांच लाख से ज्यादा बच्चे हैं। यानी कि बारह हजार बच्चों में एक बाल रोग विशेषज्ञ है।
कोरोना की दूसरी लहर ने झांसी में खूब कोहराम मचाया है। महामारी के आगे सारे संसाधन बौने साबित होने लगे। कोरोना कर्फ्यू लगने के बाद संक्रमण के मामले थमने लगे। शासन के प्रयासों से अब हालात काबू में आते दिख रहे हैं। इसी बीच, डब्ल्यूएचओ ने तीसरी लहर की चेतावनी जारी करते हुए इसे बच्चों के लिए घातक बताया है। सरकार की तरफ से भी सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं तेजी से मजबूत की जानी शुरू कर दी गई है। मगर बड़ी परेशानी बाल रोग विशेषज्ञों को लेकर है। झांसी पीडियाट्रीशियन एसोसिएशन से 50 डॉक्टर पंजीकृत हैं। इसमें सरकारी से लेकर निजी अस्पताल तक के बाल रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। जबकि, जनगणना 2011 के अनुसार झांसी में शून्य से 14 साल तक के 320769 लड़के और 278658 लड़कियां यानी कुल मिलाकर 599427 बच्चे पंजीकृत हैं। इसके अनुसार 12 हजार बच्चों पर लगभग एक बाल रोग विशेषज्ञ है।
आठ में से एक सीएचसी पर ही पीडियाट्रीशियन
झांसी जनपद में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ मऊरानीपुर सीएचसी पर ही बाल रोग विशेषज्ञ तैनात है। बबीना, बड़ागांव, चिरगांव, मोंठ, गुरसराय, बामौर, बंगरा में एक भी पीडियाट्रीशियन नहीं है।
3200 डॉक्टरों की नियुक्तियों से मिल सकती राहत
प्रदेश भर में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए शासन की तरफ से 3200 डॉक्टरों की नियुक्तियां निकाली गई हैं। इससे पहले जिला स्तर से चिकित्सकों के रिक्त पदों का ब्योरा भी मांग गया था। ऐसे में झांसी में 40 से 50 चिकित्सक मिलने की संभावना है। इससे कुछ राहत जरूर मिलेगी।
किस उम्र के कितने बच्चे
आयु वर्ग लड़के लड़कियां कुल
0 से 4 94370 81684 176054
पांच से 9 108339 94282 202621
दस से 14 118060 102692 220752
(नोट: आंकड़े 2011 जनगणना के अनुसार हैं।)
हमारी एसोसिएशन से अभी 50 डॉक्टर पंजीकृत हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में चार सीनियर रेजिडेंट और 26 जूनियर डॉक्टर भी हैं। यहां पर पिक्कू और निक्कू को अपग्रेड कर काफी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बच्चों को इलाज में किसी तरह की कोई समस्या न हो रही है और न आगे होगी। डॉक्टरों के लिए विशेष ट्रेनिंग भी आयोजित हो रही है। - डॉ. आराधना कनकने, सचिव, झांसी पीडियाट्रीशियन एसोसिएशन।