झांसी। सपा के पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव पर भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने अवैध खनन से अकूत संपत्ति हासिल करने का आरोप लगाते हुए शासन से शिकायत की थी। एक के बाद एक कई शिकायतें करने के बाद शासन ने विजिलेंस जांच के निर्देश दिए थे, जिसमें 23 करोड़ से अधिक का हिसाब न दे पाने पर अब पूर्व विधायक के खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज कराया है।
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने और प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव की शासन से शिकायत करना शुरू कर दिया था। जवाहर ने दीपनारायण सिंह पर तहसील गरौठा के ग्राम एरच में अवैध खनन से अकूत संपत्ति हासिल करने और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। इसके अलावा विधायक और उनके परिवार के सदस्यों को खनन पट्टे आवंटित करने में नियमों को ताक पर रखने का भी आरोप लगाया था। एक के बाद एक शिकायत सामने आने पर शासन ने पिछले साल अप्रैल में विजिलेंस जांच के आदेश जारी किए थे। जांच में विधायक 23 करोड़ दो लाख रुपये की रकम का हिसाब नहीं दे सके। इस पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बदनाम करने के लिए दर्ज कराई एफआईआर
झांसी। गरौठा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की नीयत से एफआईआर दर्ज कराई गई है। अपनी कमियों को छुपाने के लिए विधायक जवाहर लाल उनके खिलाफ मनगढ़ंत शिकायतें करते रहते हैं। जबकि, जवाहर लाल अवैध खनन में खुद लिप्त हैं। विजिलेंस द्वारा मांगे गए आय से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे। बावजूद, उन पर गलत तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज करा दी गई। एक भी आरोप उन पर सिद्ध नहीं किए जा सकते हैं। न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।