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Jhansi News: हाईवे पर जगह-जगह खड़ी ''''मौत'''', अफसरों को नहीं परवाह

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बुधवार को हुए भीषण हादसे से भी जिम्मेदार नहीं ले रहे सबक
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अमर उजाला ब्यूरो
केस एक-
दो मई को झांसी-शिवपुरी हाईवे पर नयाखेड़ा मोड़ के पास देर-रात किनारे खड़े ट्रक से मोटर साइकिल सवार चचेरे भाई जा भिड़े। पिछोर के गांचौली निवासी राम राजपूत अपने चचेरे भाई राम प्रकाश के साथ सारमऊ गए थे। लौटते समय खड़े ट्रक से भिड़ने से दोनों की मौके पर मौत हो गई।

केस दो
18 जून को झांसी-शिवपुरी हाईवे पर सिकंदरा बैरियर के पास किनारे खड़े ट्रक से सवारी बस भिड़ गई। जोरदार हादसे में बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। बस में सवार 18 यात्री घायल हो गए। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी यात्री की मौत नहीं हुई।
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केस तीन

27 अप्रैल को झांसी-कानपुर हाईवे पर मोंठ के भुजौंद गांव के पास एक डंपर ट्रक से जा भिड़ा। हादसे में ट्रक चालक और खलासी की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। डंपर सड़क पर खड़ा था। इस वजह से यह हादसा हो गया।

झांसी। बुधवार तड़के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर खड़े ट्रक से बस के भिड़ने से 18 लोग अपनी जान गवां बैठे। हाईवे पर खड़े इस ट्रक से यात्रियों से भरी बस पीछे से जा भिड़ी। यह लापरवाही सिर्फ लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर ही नहीं, बल्कि झांसी से गुजरने वाले हर हाईवे पर नजर आती है। हाईवे के किनारे खतरनाक तरीके से ट्रक, डंपर एवं बसें खड़ी कर दी जाती हैं, लेकिन जिम्मेदार अफसर कोई कार्रवाई नहीं करते।
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नियमत: एक्सप्रेस वे अथवा हाईवे पर वाहन खड़ा करने की मनाही है। इनको सिर्फ निश्चित स्थानों पर ही रोका जा सकता है लेकिन, कई जगहों पर चालक अपनी सुविधा अनुसार सड़क पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं। झांसी-ललितपुर हाईवे, झांसी-शिवपुरी हाईवे, झांसी-खजुराहो हाईवे, झांसी-कानुपर हाईवे पर दर्जनों वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। परियोजना प्रबंधक सुनील जैन का कहना है कि ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
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