झांसी।
छह माह से वेतन न मिलने से नाराज विद्युत मीटर रीडरों ने मंगलवार को फिर
हड़ताल कर दी। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वह
काम पर नहीं लौटेंगे।
महानगर में विद्युत बिलिंग का काम आगरा की
महालक्ष्मी इंफ्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है। कंपनी ने पचास से
अधिक मीटर रीडर काम पर लगा रखे हैं। कंपनी पिछले छह माह से कर्मचारियों को
वेतन नहीं दे रही है। यह स्थिति पिछले साल कंपनी के काम संभालने के बाद से
ही बना हुई है। इससे खफा मीटर रीडरों ने आठ जुलाई को हड़ताल कर दी थी।
हालांकि, कंपनी मैनेजर द्वारा बारह जुलाई तक वेतन देने का आश्वासन देने के
बाद कर्मचारी काम पर वापस लौट आए थे। बारह जुलाई निकलने के बाद भी वेतन
नहीं मिलने पर मंगलवार को कर्मचारियों ने दुबारा काम बंद कर हड़ताल शुरू कर
दी।
कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनको वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वह
काम पर नहीं लौटेंगे। साथ ही शर्त भी रखी कि कम से कम उन्हें चार माह का
बकाया वेतन एक साथ दिया जाए। इस संबंध में कंपनी मैनेजर सचिन ने बताया कि
पंद्रह जुलाई को दो माह का वेतन कर्मचारियों को दे दिया जाएगा। हालांकि,
उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल के बाद भी कुछ मीटर रीडिरों ने बिल बनाए।
इससे पूरी तरह काम ठप नहीं हो सका।
मालूम हो कि महानगर में करीब पचासी
हजार उपभोक्ता हैं। चूंकि, नगर में विद्युत बिल बनाने का काम माह के पहले
हफ्ते के बाद ही शुरू हो पाता है, इस कारण प्रतिदिन तीन से चार हजार बिल
बनना आवश्यक है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से माह के अंत तक सभी
उपभोक्ताओं को बिल बन सकेंगे, इस पर संशय है।