झांसी। जिले में महादानियों की कमी नहीं है। हाल ये है कि कोई 99 तो कोई 67 बार रक्तदान कर जरूरतमंदों की जान बचा चुके हैं। चूंकि, एक बार रक्तदान करने के तीन महीने बाद फिर से ब्लड डोनेट कर सकते हैं। ऐसे में ये महादानी जरूरत पड़ने पर दिन हो या रात कभरी भी रक्त देने से पीछे नहीं हटते हैं। इन महादानियों को झांसी का सलाम। इनमें से कुछ लोगों ने रक्तदाताओं का समूह भी तैयार कर लिया है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों, ब्लड बैंकों से लेकर आम लोग भी रक्त की जरूरत पड़ने पर इन्हीं से संपर्क करते हैं।
ब्लड डोनेट कर आज ‘शतक’ लगाएंगे गगन
बरुआसागर निवासी गगन साहू ने वर्ष 2013 से रक्तदान करना शुरू किया। तब से लेकर वो अब तक 99 बार रक्तदान कर चुके हैं। रविवार को सुबह भी वो एक जरूरतमंद के लिए ब्लड डोनेट करने जाएंगे। इसके साथ ही रक्तदान करने की संख्या सौ हो जाएगी। गगन का कहना है कि रक्तदान करने से उन्हें बहुत खुशी होती है।
परेशान लोगों के चेहरे पर ‘मुस्कान’ ला देते हैप्पी
सर्वनगर कॉलोनी निवासी हैप्पी चावला अब तक 60 यूनिट रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह हर तीन महीने बाद रक्तदान कर देते हैं। उन्होंने कुछ लोगों को भी जोड़ा है। उनकी मदद से एक समूह भी तैयार किया है। जो लगातार सूचना मिलने पर रक्तदान करने पहुंच जाते हैं। हैप्पी ने कोरोना काल में सात बार प्लाज्मा भी दान किया।
रक्त मिलने में लग गए पांच दिन तो बनाई संस्था
ओरछा गेट के अंकित साहू की विंग्स संस्था रक्तदान का भी काम करती है। अंकित ने बताया कि 2017 में एक दोस्त के परिचित को जरूरत पड़ने पर पांच दिन बाद भी रक्त नहीं मिल सका। उन्हें जानकारी हुई तो वो ब्लड डोनेट करने पहुंच गए। तब उन्होंने संस्था बनाई। अब तक 35 बार रक्त दे चुके हैं।
15 बार रक्तदान कर चुके हैं जितेंद्र
जितेंद्र यादव पुलिस विभाग में सिपाही हैं मगर समाजसेवा के कार्यों में भी खूब बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। उन्होंने पहली बार वर्ष 2016 में रक्तदान किया। रक्त की जरूरत को समझते हुए उन्होंने रक्तदान करने वालों की एक टीम तैयार कर ली। जितेंद्र ने बताया कि वो खुद 15 बार रक्तदान कर चुके हैं। आगे भी करते रहेंगे।