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स्टेशन मास्टरों ने चलावाईं ट्रेनें, 18 लेट

Fri, 10 Feb 2017 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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स्टेशन मास्टरों ने चलावाईं ट्रेनें, 18 लेट - फोटो : demo
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डिप्टी रेल कंट्रोलर एसके राजपूत की मौत के बाद हुए हंगामे के दौरान ट्रेनों का संचालन बंद हो गया और फिर  स्टेशन मास्टरों ने मोर्चा संभाला। आपसी समन्वय बनाकर ट्रेनों को आगे बढ़ाया। इस बीच 18 ट्रेनें लेट हो गईं। 
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डिप्टी कंट्रोलर सुनील कुमार राजपूत की मौत से गुस्साएं मंडल रेल नियंत्रण कार्यालय (कंट्रोल रूम) के कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दोपहर 11.40 बजे से काम बंद कर दिया। इससे पटरियों पर ट्रेनों को दौड़ाने का काम कंट्रोल रूम से बंद हो गया। इसके बाद रेल प्रशासन के आदेश पर स्टेशन मास्टरों ने ट्रेनों को चलवाने का काम फोन से किया। एक स्टेशन मास्टर अपने यहां से ट्रेन निकालने के बाद दूसरे को बताता रहा। हालांकि, इस बीच दो स्टेशनों के बीच एक ही ट्रेन को चलाया जा सका। वैसे दो स्टेशनों के बीच तीन ट्रेनों तक का संचालन किया जाता है। इस कारण शताब्दी एक्सप्रेस, विशाखापटनम एसी एक्सप्रेस, स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, राप्ती सागर एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, यशवंतपुर संपर्क क्रांति, उदयपुर खजुराहो इंटरसिटी, ताज एक्सप्रेस और मालगाड़ियों सहित 18 ट्रेनें लेट हो गईं।  

नेट पर नहीं मिली जानकारी 
कंट्रोल रूम से ट्रेनों का संचालन बंद होने से गाड़ियों की पोजीशन इंटरनेट पर फीड नहीं हो सकी। इस कारण ढाई घंटे तक रेल मंडल में दौड़ रही ट्रेनों की पोजीशन इंटरनेट पर दिखाई नहीं पड़ी। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 
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काम का बोझ ज्यादा है 
एसके राजपूत कंट्रोल ऑफिस में बतौर डिप्टी कंट्रोलर ब्लाक सेक्शन में काम देख रहे थे। उनकी ड्यूटी सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक की थी, मगर बढ़ते काम के कारण उन्हें एक- दो घंटे आफिस में और रुकना पड़ता था। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बड़े अधिकारी मामूली गलती पर बुरी तरह डांटते हैं। इस कारण कई कर्मचारी डिप्रेशन में आ जाते हैं। रेलवे में कर्मचारियों के 40 फीसदी पद खाली हैं। इस कारण कर्मचारियों को अतिरिक्त और मानसिक दबाव में काम करना पड़ रहा है। 

परिजनों ने कहा
पत्नी सुमन और बेटी सोमाक्षी का कहना कि एसके राजपूत बुधवार की रात आठ बजे ड्यूटी से लौटे थे। रात में उन्होंने बताया था कि ड्यूटी के दौरान सीनियर डीओएम ने उनके साथ अभद्रता की थी। इससे वह डिप्रेशन में थे। रात में दवा भी खाई थी। सुबह भी गुमसुम थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। उनके परिवार में पत्नी सुमन के अलावा बड़ी बेटी सुरभि भी है जो दिल्ली में जॉब करती है।12 साल का बेटा छठवीं का छात्र है। 
 
जांच के आदेश 
डीआरएम एके मिश्रा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए कमेटी बनाई जाएगी। चूंकि, डीओएम एसके शुक्ल पर एफआईआर हो गई है, इसलिए अभी विभागीय कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

डीआरएम ने मांगी माफी 
हंगामे के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक विनीत सिंह ने मौके पर पहुंचे एक चैनल के पत्रकार के साथ अभद्रता करते हुए उसके कैमरों को नुकसान पहुंचाया। इससे पत्रकार आक्रोशित हो गए। बाद में डीआरएम एके मिश्रा और आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा ने माफी मांगी और कैमरा सुधरवाने का आश्वासन दिया। साथ ही उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंध मूलचंद चौहान ने घटना पर शोक व्यक्त किया है।


यह मौके पर पहुंचे
नॉर्थ सेंट्रेल रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष एसके श्रीवास्तव, मंडल सचिव आरएन यादव, मनोज जाट, एचएच चौहान, मोहम्मद शकील, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के मंडल सचिव वीजी गौतम, चंद्रकांत चतुर्वेदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन, सदर विधायक रवि शर्मा, सपा प्रत्याशी यशपाल सिंह यादव, राजेंद्र सिंह यादव, संजीव श्रृंगीऋषि मौके पर पहुंचे। 
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