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साढ़े दस हजार ने छोड़ी आबकारी सिपाही की परीक्षा

Mon, 26 Sep 2016 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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exam, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित आबकारी सिपाही की परीक्षा में साढ़े दस हजार अभ्यर्थी उपस्थित नहीं हुए। प्रथम पाली में 66.17 और दूसरी पाली में 66.4 प्रतिशत छात्र मौजूद रहे।
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नोडल परीक्षा अधिकारी / अपर जिलाधिकारी प्रशासन रमाशंकर गुप्ता ने बताया कि शहर के 29 परीक्षा केंद्रों पर सहायक पर्यवेक्षक / स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनात किए थे। तीन केंद्रों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को भी लगाया गया जो भ्रमण कर नजर रखे रहे। परीक्षा दो पाली में हुई। पहली पाली की परीक्षा सुबह दस से साढ़े ग्यारह बजे तक हुई। इस पाली में 15,526 अभ्यर्थियों में 10,274 ही उपस्थित रहे। 5,252 गैरहाजिर थे। दूसरी पाली दोपहर डेढ़ बजे से तीन बजे तक हुई। इसमें 15,526 अभ्यर्थियों में 10,310 उपस्थित रहे। 5,216 अनुपस्थित रहे। 

आटो वालों ने मौके का फायदा उठाया
विभिन्न जिलों से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों से आटों चालकों ने मनमानी किराया वसूला। इलाइट चौराहे से जीआईसी का किराया सात रुपये है, पर 10 से 15 रुपये तक वसूले गए।
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गणित और तर्क शक्ति के प्रश्न आसान, हिन्दी के कठिन
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधीनस्थ आबकारी सिपाही की भर्ती परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को गणित और तर्क शक्ति के प्रश्न सरल लगे, वहीं हिन्दी के प्रश्न उन्हें कठिन लगे। उन्होंने अमर उजाला को बताया कि प्रश्न पत्र इतना आसान आएगा यह सोचा नहीं था।

उम्मीद से ज्यादा सरल आया प्रश्नपत्र
परीक्षा में प्रश्न पत्र काफी सरल था। अगर एक या दो प्रश्न को छोड़ दिया जाए तो बाकी प्रश्न सरल थे। गणित में ब्याज व अनुपात के प्रश्न आने से काम आसान हो गया। - आदर्श तिवारी, कानपुर

हिन्दी के अलावा सब सरल
हिन्दी के प्रश्नों को छोड़ दिया जाए तो पूरा प्रश्नपत्र सरल था। हिन्दी में कुछ प्रश्न साहित्य से ले लिए गए थे, इस कारण गलती होने की संभावना है। -राहुल, उरई


यात्रियों से धक्कामुक्की, सीटों पर कब्जा, आपस में भी भिड़े
आबकारी सिपाहियों की भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए हजारों अभ्यर्थियों ने रविवार को रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने अन्य यात्रियों से धक्कामुक्की कर रिजर्व सीटों पर कब्जा कर लिया। सीटों को लेकर वह आपस में भी भिड़ गए। स्थिति यह रही कि कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेेनों के आते ही स्टेशन पर भगदड़ के हालात बन गए। आरपीएफ व जीआरपी के जवानों ने काफी मशक्कत के बाद इन अभ्यर्थियों पर काबू पाया।

रविवार को शहर में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा आयोग ने आबकारी सिपाहियों की भर्ती परीक्षा आयोजित थी। परीक्षा में शामिल होने के लिए करीब 15 हजार अभ्यर्थी अलग-अलग जिलों से आए थे। अधिकांश अभ्यर्थियों कानपुर व लखनऊ की तरफ के थे। दोपहर तीन बजे परीक्षा छूटने के बाद वह वापस जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। अचानक हजारों लोगों के स्टेशन पहुंचने पर प्लेटफार्मों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। तभी ग्वालियर से बरौनी की तरफ जाने वाली ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। पहले से ही ठसाठस भरी इस ट्रेन में जगह नहीं मिलने पर अभ्यर्थियों ने स्लीपर कोचों पर कब्जा कर लिया। जब स्लीपर में भी जगह नहीं बची तो तमाम लोग ट्रेन के गेटों पर लटक गए। बावजूद इसके हजारों अभ्यर्थी सवार नहीं हो पाने की वजह से रुक गए।

शाम करीब पौने छह बजे प्लेट फार्म नंबर पांच पर साबरमती एक्सप्रेस आई तो प्लेटफार्म पर भगदड़ मच गई। हालत यह हो गए कि डिब्बों में यात्री न चढ़ पा रहे थे और न उतर पा रहे थे। धक्कामुक्की की वजह से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई। इस ट्रेन के भी रिजर्व कोचों पर अभ्यर्थियों ने कब्जा कर लिया। जब ट्रेन चलने लगी तो तमाम अभ्यर्थी गेट पर लटक गए। इस दौरान चेन पुलिंग होने पर ट्रेन रुकी तो जीआरपी व आरपीएफ ने सख्ती दिखाकर गेट पर लटकने वालों को उतारा। कमोबेश यही हाल कुशीनगर एक्सप्रेस का भी हुआ। इस हालात में सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों और बच्चों को हुई।
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