अवर अभियंता हड़ताल पर क्या गए, विभिन्न विभागों के विकास कार्य ठप हो गए हैं। यही हाल उन्नाव-बालाजी मार्ग का है। सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था कि हड़ताल से काम ठप हो गया है। सड़क की स्थिति खराब है, जिससे वाहनों को लाने-ले जाने में काफी परेशानी होती है।
उन्नाव-बालाजी मार्ग की हालत बहुत खराब है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा में होने के कारण कोई भी प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नहीं देती थी। सांसद/ केंद्रीय मंत्री उमा भारती के प्रयास से सड़क का निर्माण सेंट्रल रोड फंड के तहत किया जा रहा है। 18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मार्ग सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश के हिस्से में आने वाली 11 किलोमीटर सड़क बनाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है, जबकि शेष पांच किलोमीटर सड़क मध्य प्रदेश के हिस्से से बनाई जाएगी। केंद्र ने टोकन मनी के रूप में 2.41 लाख रुपये जारी कर दिए थे। टेंडर होने के बाद निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। हालांकि, पूरी सड़क का निर्माण कार्य एक साल में पूरा होगा, लेकिन अब तक छह किलोमीटर सड़क की वाइंडिंग का काम पूरा हो गया है।
काम रफ्तार से चल रहा था कि उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल के कारण काम की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है, जिससे काम ठप पड़ गया है। पहले तो विभाग को लग रहा था कि हड़ताल एक-दो दिन में समाप्त हो जाएगी, लेकिन अब हड़ताल को 23 दिन हो गए हैं। वहीं, दीपावली नजदीक आ रही है, जिससे मजदूर भी अपने गांव चले गए हैं। इस तरह से काम पूरी तरह से रुक गया है। अब दीपावली के बाद ही काम शुरू होने की उम्मीद है।
सड़क निर्माण तेजी से चल रहा था, लेकिन अवर अभियंताओं की हड़ताल से काम बंद है। अब हड़ताल समाप्त होने का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।
- आरपीएस तोमर
अधिशासी अभियंता, पीडब्लूडी