हिमांशु पांडेय
झांसी। किसी ने मेहनत से पाई-पाई जोड़कर दुकान बनाई और अपना व्यापार जमाया तो किसी ने कर्ज लेकर अपने कारोबार को खड़ा किया। किसी ने कारोबार से अपने और परिवार के बेहतर भविष्य के सपने संजोए थे तो किसी को अपने बेटे-बेटी के अरमानों को पूरा करना था। मगर एक छोटी सी चिंगारी ने व्यापारियों का कारोबार, अरमान और दुकान सब कुछ खाक कर दिया। चंद मिनटों में शोला बनी चिंगारी ने किसी को संभलने का मौका तक नहीं दिया। जैसे-जैसे आग एक-एक करके दुकानों को अपनी चपेट में ले रही थी, वैसे-वैसे कारोबारियों के सपने जल रहे थे। अपनी आंखों के आगे व्यापार को बर्बाद होता देख कई व्यापारी तो फफक पड़े। रुंधे गले से आग को बुझाओ, पानी डालो जैसी पुकार लगाते हुए वह खुद ही अपनी दुकान की आग बुझाने की कोशिश में जुटे रहे। वहीं कई व्यापारी आग को बढ़ता देख दुकान से ज्यादा से ज्यादा सामान निकालने में जुटे रहे।
सीपरी बाजार के रसबहार तिराहे पर जिनकी दुकानों में आग लगी वह सभी मध्यमवर्गीय परिवारों के व्यापारी हैं। अधिकांश व्यापारियों की आजीविका का साधन दुकान ही थी। मगर आग की लपटों ने व्यापारियों की जिंदगी को भी झुलसा दिया। अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान कोहली स्टोर में हुआ। चार मंजिला स्टोर में काॅस्मेटिक और कपड़े से लेकर गृहस्थी की सभी वस्तुएं मिलती थीं। अंदर जब आग लगी तो किसी को कुछ समझने तक का मौका नहीं मिला। प्रोपराइटर आयुष कोहली बताते हैं कि कुछ मिनटों में ही आग फैल गई। अंदर मौजूद लोग ही बाहर निकल सके। वह बेबसी से अपनी जल रही दुकान को देखते रहे। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से पाई-पाई जोड़कर दुकान बनाई थी, लेकिन सब कुछ खाक हो गया।
भुसारी साड़ी सेंटर के प्रोपराइटर आशीष गुप्ता तो दुकान में लगी आग को देखकर रो पड़े। आशीष ने बिलखते हुए कहा सब बर्बाद हो गया। काफी मुश्किल से व्यापार जमाया था। आग ने सब चौपट कर दिया। दुकान के अंदर जितनी नकदी रखी थी, उसे भी नहीं निकाल सके। आसपास मौजूद लोगों ने उनको किसी तरह चुप कराया।
यही हाल अग्रवाल किराना स्टोर के प्रदीप अग्रवाल का था। उनके खाने-पीने की वस्तुओं से भरे पूरे स्टोर को आग ने नष्ट कर दिया। प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि उनको करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। आग में परमजीत सिंह का स्टोर भी जलकर खाक हो गया। परमजीत सिंह ने बताया कि परिवार चलाने का साधन बस दुकान थी, लेकिन आग से दुकान में रखा करोड़ों का सामान नष्ट हो गया।
इसी तरह सरोज सेन ने 2 से 2.5 लाख रुपये, रिजवान ने 10 लाख रुपये, शकील ने एक लाख रुपये, हरिओम अग्रवाल ने 10 लाख, देवेंद्र सिंह भुसारी ने 25 लाख, इंद्र सिंह ने करीब 10 लाख रुपये का नुकसान होने की बात पुलिस को बताई। दुकानों में आग लगने की सूचना पर कारोबारियों के परिजन भी आ गए।
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इनसेट
दुकान खाली करने में जुटे रहे दुकानदार
आग जैसे ही कोहली स्टोर से होते हुए अग्रवाल किराना स्टोर की ओर आई मार्केट के अन्य दुकानदारों में खलबली मच गई। दुकानें सटी होने से आसपास की दूसरी दुकानों में भी धुआं भरने लगा। दमकलकर्मियों ने इन दुकानों को तुरंत खाली करने को कहा। आसपास के दुकानदारों से सिलिंडर समेत अन्य विस्फोटक समान भी हटाने को कहा। दुकानदारों ने स्थानीय लोगों की मदद से अपनी दुकानें खाली करनी शुरू कीं। मार्केट के पीछे की ओर की दुकानों का काफी सामान खाली करा लिया गया था। इस वजह से इन दुकानों में कम नुकसान हुआ।
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50 से ज्यादा लोग हो गए बेरोजगार
अग्निकांड ने व्यापारियाें को तो नुकसान पहुंचाया ही साथ ही 50 लोगों का रोजगार भी छीन लिया। कोहली स्टोर में ही 25 से अधिक लोग सेल्समैन थे। इसी तरह चार अन्य दुकानों में 8-10 सेल्समैन काम करते थे। इन दुकानों को भी काफी नुकसान हुआ। अब इन सेल्समैनों को दूसरी जगह रोजगार तलाशना होगा। आग से दुकानों में काम करने वाले सेल्समैन भी काफी बेचैन दिखाई पड़े। साड़ी स्टोर में काम करने वाले नवजीवन ने बताया कि दुकान से ही परिवार का पालन-पोषण करता था। अब रोजगार का संकट पैदा हो गया। परिवार में एक बेटा और बेटी है। बेटा हाईस्कूल में पढ़ता है। जबकि बेटी इंटर की छात्रा है। उनकी फीस दे पाना भी मुश्किल है। एक अन्य दुकान में काम करने वाले राजू का कहना था कि दुकान में काम करके ही जिंदगी चल रही थी। मगर आग लगने से नौकरी जाने का संकट है। इसी तरह अन्य लोगोें के सामने भी संकट पैदा हो गया है।