रविवार को शहर के बाजारों में छापों की अफवाह से व्यापारी परेशान रहे। स्थिति यह रही दुकानें खुलते ही कभी किसी विभाग तो कभी किसी विभाग की टीम के छापे की अफवाह से बाजार बंद हो जाते। रविवार को बाजारों में खुल्ले पैसे और ग्राहक दोनों की कमी रही।
पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट अमान्य होने के बाद रविवार को भी महानगर के प्रमुख बाजारों में अफरातफरी रही। सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स, एक्साइज विभाग की टीमों द्वारा छापामारी करने की बातें फैलने से सर्राफा बाजार, सुभाष गंज, मानिक चौक की दुकानें दिन में कई बार बंद हुई। इससे खरीद करने आए लोगों के समक्ष कई परेशानियां आयी। इस अफरा तफरी भरे माहौल में सवाल उठ रहे है कि व्यापारी छापामारी से क्यों घबरा रहा है? व्यापारी नेताओं का कहना है कि वह घबरा नहीं रहे है, बल्कि अफरातफरी के माहौल में व्यापारी किसी भी विभागीय झंझट से बचना चाह रहा है। इसके अलावा बडे़ नोट अमान्य होने के बाद बाजार में खुल्ले पैसे भी नहीं है और ग्राहक भी नहीं है।
झंझट से बचना चाहते है
व्यापारिक प्रतिष्ठान में चाहे सब कुछ ओके हो, लेकिन अधिकारी कमियां निकाल कर चालान कर ही देते है। इससे व्यापारियों में दहशत है। ग्राहकों की कमी, खुल्ले पैसे क ा अभाव और वे झंझट से बचने के लिए कई व्यापारी दुकान बंद किए है।
विजय जैन सुभाष गंज व्यापार मंडल अध्यक्ष
दहशत का है माहौल
बाजार में दहशत का माहौल है। विवाह सीजन में दुकानदारों और ग्राहकों में अफरातफरी मची है। देश के विभिन्न राज्यों में सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स व एक्साइज विभागों की छापामारी से जिले के व्यापारी भी परेशान है। छापामारी और सर्वे विवाह सीजन के बाद हो तो अच्छा रहे।
मुकेश अग्रवाल, सर्राफा बाजार कमेटी अध्यक्ष
भ्रम में है व्यापारी
बाजार में व्यापारी भ्रमित है। रविवार को मानिक चौक, मोबाइल बाजार और अन्य बाजार तीन बार बंद हुए। कुछ लोग इनकम टैक्स, सेल्स टैक्स की छापामारी की अफवाह फैला रहे है। प्रशासन को चाहिए कि अफवाह फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई करे।
अतुल जैन, मानिक चौक व्यापार मंडल अध्यक्ष