जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लक्ष्य तय कर दिया गया है। जिले में 2,662 आवास बनाए जाएंगे। इनमें सबसे अधिक बंगरा व सबसे कम बड़ागांव ब्लाक में बनेंगे। अभी पात्रों के सत्यापन का कार्य चल रहा है।
इंदिरा आवास योजना के नाम से संचालित योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये पात्र लाभार्थी को आवास बनाने के लिए दिए जाएंगे, जबकि इंदिरा आवास योजना में 70 हजार रुपये मिलते थे। सभी आठ ब्लाकों में 2016-17 के लिए आवासों का लक्ष्य तय कर दिया गया है। ब्लाक बबीना में 256, बड़ागांव में 134, बामौर में 336, बंगरा में 456, चिरगांव में 349, गुरसराय में 355, मऊरानीपुर में 394, और मोंठ ब्लाक में 382 आवास बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक जीपी गौतम ने बताया कि आवास के लिए पात्रों का सत्यापन कार्य चल रहा है। पात्रता के लिए 2011 की सामाजिक और आर्थिक जनगणना को मानक बनाया गया है। विधवा, भूमिहीन, आवास विहीन और परिवार में यदि कोई कमाने वाला नहीं है, तो ऐसे पात्रों को वरीयता दी जाएगी। आवास के लिए स्वीकृत धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी। बारह हजार रुपये अलग से शौचालय निर्माण को दिया जाएगा।
इनसेट
यह जमा करना अनिवार्य
आवास योजना के आवेदन पत्र के साथ बैंक खाता नंबर, आधार नंबर और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य है। मोबाइल नंबर इसलिए, ताकि आवेदक तक जानकारी पहुंच सके।