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Jhansi News: अफसरों ने जमा कर ली थी अकूत संपत्ति, घर के फर्नीचर देख दंग रह गई सीबीआई

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। सेंट्रल जीएसटी अफसरों ने अपनी तैनाती के दौरान अकूत संपत्ति जमा कर ली थी। उनके आलीशान मकान एवं रहन-सहन देख सीबीआई टीम भी दंग रह गई। छापे के दौरान सीबीआई ने 1.60 करोड़ रुपये समेत सोने-चांदी की ईंट एवं जेवरात बरामद किए। घरों में नकदी बिस्तर में छिपाकर रखी गई थी। गद्दे फाड़ने के बाद रकम बरामद हो सकी। भारी मात्रा में मिलनी नकदी को गिनने के लिए मशीनें मंगवाई गईं।
बुधवार सुबह सीबीआई टीम सबसे पहले सेवाराम मिल कंपाउंड निवासी अनिल तिवारी के यहां पहुंची। अनिल के यहां महंगे फर्नीचर समेत पूरे घर में लग्जरी वस्तुएं थीं। एक से एक महंगे आइटमों का घर की सजावट में इस्तेमाल हुआ था। सीबीआई को यहां से कई गोपनीय फाइल भी मिली। टीम इसे अपने साथ ले गई। यहां से नकदी भी बरामद हुई। सीबीआई को बताया गया कि अनिल झांसी में करीब ढाई दशक से तैनात हैं।
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जीएसटी से जुड़े सारे विवादित मामले अनिल के सहारे सुलझाए जाते हैं। दो साल पहले उनका आगरा तबादला हो गया था लेकिन, कुछ महीनों बाद वह दोबारा झांसी आ गए। ढाई दशक की तैनाती के दौरान अनिल ने अकूत संपत्ति जमा कर ली। अनिल सिविल लाइंस स्थित एक प्रतिष्ठित रेस्तरा में पार्टनर समेत जमीन के कारोबार में भी शामिल हैं। जमीन के धंधे में करोड़ों रुपये लगा रखे हैं। वहीं, स्टेशन रोड निवासी अजय शर्मा ने भी अपनी चार साल की तैनाती में अकूत संपत्ति जमा कर ली थी। उसके घर में भी लग्जरी आइटमों की भरमार मिली। उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई।
डिप्टी कमिश्नर आईआरएस प्रभा भंडारी की छह माह पहले तैनाती हुई थी। हालांकि उन्होंने भी अनिल एवं अजय के हवाले ही पूरा कार्यालय कर दिया था। बताया जाता है कि प्रभा ने कुछ माह पहले ही 68 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा था। जीएसटी अफसरों के पास से घूस के तौर पर 70 लाख समेत 1.60 करोड़ रुपये बरामद हुए। उनके घर से सोने-चांदी की ईंट एवं शेयर मार्केट में पैसा लगाए जाने की बात भी उजागर हुई। हालांकि सीबीआई ने अलग-अलग बरामदगी का खुलासा नहीं किया।

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दिनभर चली कार्रवाई, दो बार डिप्टी कमिश्नर के घर पहुंची सीबीआई
सीबीआई टीम मंगलवार से झांसी में डेरा डाले हुई थी लेकिन बुधवार सुबह से उसने आरोपियों के घरों पर छापा मारने की कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले सुबह करीब दस बजे इलाइट चौराहे पर अचानक से पहुंची तीन गाड़ियों से सीजीएसटी के दो कर्मचारी को घेरकर पकड़ा गया, इसमें एक महिला कर्मचारी शामिल थी। इस कार्रवाई से इलाइट चौराहे पर हलचल मच गई लेकिन सीबीआई अफसरों ने यहां किसी से बात नहीं की। इसके बाद अलग-अलग टीम अनिल तिवारी एवं अजय कुमार शर्मा, नरेश कुमार गुप्ता एवं राजू मंगनानी के घर पहुंची।
डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के घर भी सीबीआई टीम पहुंची। सीबीआई टीम के पहुंचने पर वह घर में नहीं थीं। ताला तोड़ने की धमकी देने पर घर खोला गया। इसके बाद देर-शाम को भी सीबीआई टीम दोबारा से अनिल तिवारी एवं डिप्टी कमिश्नर के घर पहुंची। इसके अलावा सीबीआई टीम ने सेंट्रल जीएसटी ऑफिस के भी चक्कर काटे।

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13 दिन पहले सीजीएसटी के छापे के बाद से सर्विलांस पर थे अफसरों के नंबर

झोकनबाग स्थित तेजपाल मंगनानी एवं राजू मंगनानी के जय दुर्गा हार्डवेयर प्रतिष्ठान में टैक्स चोरी की शिकायत पर 18 दिसंबर को सेंट्रल जीएसटी टीम ने छापा मारा था। उस दौरान करोड़ों की चोरी पकड़ी गई थी। केंद्रीय टीम ने कई दस्तावेज बरामद किए थे। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को निपटाने के लिए दो करोड़ की रिश्वत मांगी गई थी। जिस व्यक्ति की शिकायत पर छापा मारा गया था, उसे इसकी भनक मिल गई। उसने इसकी शिकायत कर दी। स्थानीय सेंट्रल जीएसटी टीम इसके पहले भी सीबीआई के रडार पर आ गई। शिकायत के बाद सीबीआई ने कारोबारी समेत अनिल एवं अजय शर्मा को सर्विलांस पर ले लिया। नरेश ने राजू मंगनानी की मुलाकात अनिल तिवारी से कराई। इसके बाद सीबीआई टीम गुपचुप तरीके से झांसी पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बुधवार दोपहर एसपी सिटी कार्यालय के सामने स्थित अनिल के रेस्तरा से उसे एवं अजय को राजू मंगनानी द्वारा 70 लाख रुपये की पहली किस्त देते हुए पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान उन लोगों ने डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी का भी नाम लिया।
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हार्डवेयर का बड़ा कारोबारी है राजू मंगनानी
70 लाख रुपये की रिश्वत देते सीबीआई के हत्थे चढ़ा राजू मंगनानी की गिनती शहर के बड़े कारोबारियों में होती है। उसने अपने भाई तेजपाल के साथ मिलकर जय दुर्गा हार्डवेयर नाम से फर्म बनाई है। यह फर्म दरवाजे, प्लाईवुड समेत तमाम सारे आइटम की सप्लाई का काम करती है। आसपास के कई जनपदों में भी इनका कामकाज फैला है। इसके अलावा दोनों भाइयों ने कुछ समय पहले जमीन का काम भी शुरू कर दिया था।
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