गुरसराय (झांसी)। नौ माह पेट में तो पाला, लेकिन जन्म होते ही ठुकराकर झाड़ियों में फेंक दिया। उसका कुसूर केवल इतना था कि वो लड़की थी। गनीमत रही कि समय रहते ग्रामीणों की उस पर नजर पड़ गई, वरना उसकी जान भी जा सकती थी।
गुरसराय के ग्राम सिर्वो में मिली नवजात को ग्रामीण अस्पताल लेकर भागे, जहां उसे प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है और उसे गोद लेने के लिए भी कई परिवार आगे आए हैं। शनिवार की शाम ग्राम सिर्वो में एक खेत के किनारे झाड़ी में कोई व्यक्ति एक नवजात बालिका को फेंक गया। इसी बीच सीताराम बसोर अपने खेत से लौैट रहे थे। उन्हें बच्चे की किलकारी सुनाई दी। आसपास नजर डालने पर झाड़ियों के बीच एक नवजात बालिका मिली। उन्होंने ग्राम प्रधान अशोक पटेल को इसकी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही हरेंद्र सिंह राजावत, मुन्ना दाऊ, सर्वेश सिंह हैवतपुरा व रमाकांत पटेल भी मौके पर पहुंच गए। वे बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसराय लेकर आए। यहां डा. विजय निरंजन ने उसका परीक्षण किया। बच्ची का वजन डेढ़ किलो निकला और पूरी तरह से स्वस्थ पाई गई। इस पर सभी ग्रामीणों ने खुशी जताई। इसी बीच सिर्वो के मूलचंद्र अहिरवार व अन्य लोग बच्ची को गोद लेने के लिए अस्पताल पहुंच गए। इस पर डा. विजय निरंजन ने बताया कि बच्ची को पहले चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया जाएगा। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में उसकी देखरेख की जाएगी। नियमानुसार उसे गोद दिया जाएगा। बच्ची को एंबुलेंस से मेडिकल भेजा गया। यह घटना गुरसराय क्षेत्र में चर्चा के केंद्र में रही।