आयकर विभाग द्वारा की गई बिल्डरों की जांच में 50 बड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं। ये वे लोग हैं, जो सीधे तौर पर तो रियल एस्टेट कारोबार से नहीं जुड़े हैं, लेकिन इन्होंने बिल्डरों के साथ अपना पैसा लगा रखा है। इसमें कुछ पूर्व अधिकारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही आयकर विभाग ने अपना जांच का दायरा बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आईटी टीमें कुछ और लोगों पर अपना शिकंजा कस सकती हैं।
आयकर विभाग की टीमों ने तीन अगस्त को घनाराम ग्रुप व उससे जुड़े बिल्डरों के झांसी, कानपुर, लखनऊ व दिल्ली स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच चार-पांच दिनों तक लगातार जारी रही। इस दौरान आयकर टीमों ने बिल्डरों के यहां से करोड़ों की नकदी व सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। इसके अलावा लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, हार्ड डिस्क, कंप्यूटर आईटी टीमें अपने साथ ले गईं, जिनकी पड़ताल का काम लगातार जारी है।
जांच में आईटी टीमों के सामने पचास से अधिक ऐसे लोगों के नाम आए जिनका रियल एस्टेट कारोबार से सीधे तौर पर कोई सरोकार नहीं है। इन लोगों ने बिल्डरों के साथ अपना पैसा लगा रखा है। इनमें डॉक्टर व कुछ पूर्व अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा शहर के कुछ कारोबारियों के बारे में जानकारी भी आयकर विभाग के हाथ लगी है। इसके साथ ही विभाग ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में विभाग द्वारा बिल्डरों के सहयोगियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
नौकरों व स्टाफ का रिकॉर्ड भी किया इकट्ठा
झांसी। छापेमारी के दौरान आईटी टीमों ने बिल्डरों के घरेलू नौकर व उनके स्टाफ का रिकॉर्ड भी इकट्ठा कर लिया है। सभी के मोबाइल नंबर, आधार नंबर व पैन नंबरों के अलावा उनके बैंक खातों का ब्योरा भी आयकर विभाग के पास मौजूद है। सूत्रों के अनुसार आईटी टीमों को नौकर व स्टाफ के नाम पर बड़े लेन-देन की आशंका है।