झांसी। उपभोक्ता नए बिजली कनेक्शन के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन इसलिए करते हैं, ताकि उनके घर रोशनी जल्द पहुंच जाएगी। लेकिन, जनपद में स्थिति बिल्कुल उलट है। नया मीटर लगाने और कनेक्शन देने के लिए दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जीनस कंपनी के बीच अनुबंध है। दोनों के बीच तालमेल न होने का खामियाजा उपभोक्ता भुगत रहे हैं।
जीनस कंपनी को स्मार्ट मीटर लगाने का काम सौंपा गया है, तो संबंधित पावर हाउस को बिजली कनेक्शन देना होता है। कनेक्शन से पहले अवर अभियंता सर्वे करते हैं। कई मामलों में मीटर लगने के बाद भी बिजली का कनेक्शन नहीं हो पा रहा है। नियम है कि झटपट पोर्टल पर आवेदन के 7 दिन के भीतर मीटर और कनेक्शन दोनों मिलने चाहिए। लेकिन, उपभोक्ताओं को कई बार महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
होना यह चाहिए, हो यह रहा
स्मार्ट मीटर लगाने वाले जीनस कंपनी के कर्मचारी और बिजली वितरण से जुड़े कर्मचारी को साथ जाना चाहिए। मीटर लगाते ही, तत्काल बिजली की सप्लाई देनी चाहिए। हालांकि, होता इसका उल्टा है। पहले सर्वे होता है। इसके बाद कंपनी उपभोक्ता के घर मीटर लगाती है। सबसे ज्यादा देरी बिजली विभाग के कर्मचारी लाइन डालने और कनेक्शन देने में करते हैं, जिसमें हफ्तों से लेकर महीने लग जाते हैं।
केस-1
मुन्नालाल पावर हाउस इलाके की कांति देवी ने नए कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। उन्हें प्राप्त संदेश के अनुसार करीब 7,000 रुपये जमा करने पड़े। जीनस कंपनी ने मीटर लगा दिया था, लेकिन कनेक्शन के लिए उन्हें लाइनमैन के चक्कर लगाने पड़े। करीब दो हफ्ते बाद ही उन्हें बिजली कनेक्शन मिल सका।
केस-2
नगरा निवासी विष्णु कुमार ने करीब दो माह पहले झटपट पोर्टल पर कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। सर्वे के बाद जीनस कंपनी ने मीटर लगा दिया। हालांकि, उन्हें कनेक्शन के लिए लाइनमैन की मिन्नतें करनी पड़ीं। तब कहीं जाकर उनके घर बिजली पहुंची।
वर्जन
इस समस्या को लेकर हाल ही में जीनस कंपनी के प्रभारी से चर्चा की गई है। उपभोक्ताओं को समस्या से निजात दिलाई जा रही है।
-ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य अभियंता (वितरण)