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Jhansi News: एरच पीएचसी को सीएचसी बनाने का मामला ठंडे बस्ते में

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संवाद न्यूज एजेंसी
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एरच। क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए एरच स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसकी शासन को रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। लेकिन, अब तक अस्पताल उच्चीकृत नहीं हो पाया है।
एरच स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कस्बे के अलावा ग्राम लभेरा, गोंती, कठर्री, गेंदाकबूला, जुझारपुरा, रौतानपुरा, शमसेरपुरा, झबरा, जखनवारा, डिकौली, इसकिल, नेकेरा, अहरौरा, गोरा, भरदवारा, रियां देवरा समेत दो दर्जन गांव के ग्रामीण इलाज के लिए आते हैं। लेकिन, यहां आने पर अक्सर उनके हाथ निराशा ही लगती है। यहां पर्याप्त संसाधन न होने की वजह से मरीजों को इलाज के लिए 15-20 किलोमीटर दूर बामौर या मोंठ तक जाना पड़ता है। आकस्मिक हालत में मरीजों और तामीरदारों को यह दूरी बहुत खलती है।
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जबकि, पीएचसी को उच्चीकृत करने के लिए तीन साल पहले शासन ने इमारत, भागौलिक स्थिति और क्षेत्र की जनसंख्या की रिपोर्ट मांगी थी। विभाग की ओर से यह रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी। इसके बावजूद, मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। स्थानीय पूर्व सभासद मालती पांचाल, रविंद्र केवट, दीपक राजपूत, पर्वत पाल, पिंटू राजपूत, गोलू राजपूत, प्रिंस प्रजापति, प्रियाशरण राजपूत ने पीएचसी को सीएचसी में उच्चीकृत करने की मांग की है।
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एरच पीएचसी को सीएचसी बनाने के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को मांग पत्र दिया है। उनके प्रयास से जल्द ही एरच स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा मिलेगा। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होगा। - जवाहर लाल राजपूत, गरौठा विधायक
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अभी गांव-गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की पहल चल रही है। इससे ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा होगा। फिलहाल सीएचसी बनाने की कार्यवाही नहीं चल रही है। - डा. सुधाकर पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी
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