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जूनियर सेक्रेटरियेट असिस्टेंट परीक्षा: झांसी का था मास्टरमाइंड, एडवांस लेकर करता था सौदा, तीन युवक भी गिरफ्तार

Thu, 26 Mar 2026 02:59 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

पूछताछ में मालूम चला कि परीक्षा से पहले मनीष ने अभ्यर्थियों से संपर्क कर फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से फार्म भरवाया। जिसमें श्रुत लेखक मनीष की ओर से ही उपलब्ध कराए गए। लेकिन, उसके इस खेल का भांडा फूट गया। 
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एग्जाम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepik
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विस्तार
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जूनियर सेक्रेटरियेट असिस्टेंट परीक्षा में सेंध लगाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड मनीष मिश्रा झांसी का रहने वाला है। इन दिनों वह थाना नवाबाद के सनफ्रान अशोक सिटी में रहता था। एसटीएफ के हत्थे चढ़ने के बाद पूछताछ में उसने गिरोह में शामिल चार युवकों के नाम भी बताए। ये सभी पांचों युवक भी झांसी के हैं। इसके बाद एसटीएफ ने एक के बाद एक सभी को गिरफ्तार कर लिया।
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एसटीएफ के मुताबिक पूछताछ में मालूम चला कि इस परीक्षा को निशाना बनाने के लिए मनीष ने काफी पहले से तैयारी की हुई थी। उसने अभ्यर्थियों से पहले संपर्क किया। उनको पास करा देने का भरोसा दिलाते हुए परीक्षा का फार्म भरवाया। इन सभी के लिए उसने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट तैयार कराए। इन सर्टिफिकेट की बदौलत अभ्यर्थियों को श्रुत लेखक उपलब्ध करवाए गए। यह श्रुत लेखक भी मनीष की ओर से ही उपलब्ध कराए। मनीष की योजना थी कि इनकी मदद से वह अभ्यर्थियों को पास करा देगा। मनीष ने लखनऊ स्थित एक परीक्षा केंद्र से साठगांठ भी कर ली। साल्वरों को उसने परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंचा दिया लेकिन, इसी दौरान इस खेल का भांडा फूट गया। एसटीएफ ने सुरागकशी करने के बाद मनीष को गिरफ्तार किया। उसके बाद मनीष ने पूछताछ में गिरोह के दूसरे सदस्यों के नाम भी उगल दिए। उसके साथ मोंठ के मनभरनपुर गांव निवासी सौरभ सोनी, मातापुरा गांव निवासी आकाश अग्रवाल, भरोसा गांव निवासी राज किशोर एवं पूछ के काशीपुर गांव निवासी राम मिलन शामिल थे। साल्वर तलाशने के साथ ही इन लोगों ने अभ्यर्थियों से पैसा वसूला था। एसटीएफ को पूछताछ में मालूम चला कि मनीष इसके पहले भी कई परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर चुका है।
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