पुलिस गिरफ्त में आरोपी ड्राइवर
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गुटखा कारोबारी विष्णु गुप्ता के मुंशी से लाखों रुपये की लूट मामले में कार चालक विकास पाल मास्टरमाइंड निकला। उसने ही पूरी घटना का ताना-बाना बुना था। सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। उसके पास से लूटे गए दो लाख रुपये भी बरामद हुए। पुलिस से बचने के लिए विकास ने मोबाइल से दूरी बना ली थी। वह किसी से बात नहीं करता था। इस वजह से उस तक पहुंचने में पुलिस को आठ दिन लग गए। घटना स्थल के आसपास की फुटेज कई बार खंगालने पर विकास के हाव भाव पर पुलिस को शक हुआ। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आखिरकार वह टूटा। उसने बताया कि दतिया निवासी दो दोस्तों के साथ मिलकर उसने साजिश रची थी। लूटने वाले दोनों बदमाश अभी फरार हैं।
किसी को शक न हो इसके लिए ड्राइवर ने खुद की भी मारपीट कराई
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 11 जनवरी को कारोबारी विष्णु गुप्ता का मुंशी तकादे में मिली रकम वसूलकर कार से झांसी लौट रहा था। विष्णु का ड्राइवर रक्सा के पाली पहाड़ी गांव निवासी विकास पाल साथ गया था। शाम करीब 6:30 बजे सेमरी टोल प्लाजा के आगे दो बाइक सवार युवकों ने कार रुकवाकर मुंशी से रुपयों भरा बैग छीन लिया था। घटना की सूचना करीब 45 मिनट बाद दी गई। मुंशी पर शक होने पर पहले उससे पूछताछ हुई लेकिन उसकी भूमिका नहीं निकली। इसके बाद पुलिस ने कई बार झांसी-कानपुर हाईवे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। विकास का हावभाव संदिग्ध मिला। पूछताछ करने पर घटना में शामिल होने की बात मान ली। उसने पुलिस को बताया कि अक्सर मोटी रकम की रिकवरी होती है। इस रकम पर हाथ साफ करने के लिए उसने अपने दोस्त दतिया निवासी नरेश एवं जितेंद्र को शामिल किया। तयशुदा समय पर दोनों बाइक से सेमरी टोल प्लाजा के आगे मौजूद थे। नरेश के कार खराब होने की बात कहने पर उसने गाड़ी रोक दी। इसके बाद दोनों मुंशी के हाथों से रुपयों भरा बैग छीनकर भाग निकले। किसी को शक न हो इसके लिए उसके साथ भी मारपीट की। आरोपी ड्राइवर विकास को गिरफ्तार कर लिया गया है। नरेश और जितेंद्र की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम में चिरगांव थानाध्यक्ष राहुल राठौर, उपनिरीक्षक आनंद सिंह, राम प्रकाश पटेल आदि शामिल रहे।
कार का अपर डिपर देने से फंसा मास्टरमाइंड
झांसी-कानपुर हाईवे पर निर्माण चलने से कई जगह सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए हैं। इस वजह से बदमाशों का सुराग नहीं मिल पा रहा था। लेकिन, सेमरी टोल प्लाजा के आगे पुलिस को कुछ फुटेज मिली। कई बार इसे खंगालने पर दिखा कि वारदात स्थल से करीब दो सौ मीटर पहले कार चला रहे विशाल ने अचानक से अपर-डिपर देना शुरू कर दिया। लग रहा था कि वह किसी को इशारा कर रहा है। लगातार अपर डिपर देते हुए चलते-चलते ही बाइक सवार युवक पहुंच गए। उसके बाद उसने कार रोक दी। दरवाजा खुलते ही वह निकलकर बाहर आ गया। मुंशी सर्वेश ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसके पीछा करने की बात कहने पर भी विशाल राजी नहीं हुआ। लगातार अपर-डिपर देने से पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस के इसका कारण पूछने पर वह सकपका गया। कड़ाई करने पर वह टूट गया। उसने बताया कि अप्रैल में उसकी बहन की शादी है। इसके पहले उसने लूट की योजना बनाई।
मामले की जानकारी देते एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति...