झांसी। भारत में एंट्री कर चुके कोरोना के नए स्ट्रेन (रूप) ओमिक्रॉन से दहशत बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में जीनोम सिक्वेंसिंग शुरू करने के आदेश दे चुके हैं मगर इससे पहले किट के जरिए ओमिक्रॉन के संदिग्ध मरीज का पता लगाया जा सकेगा। इसका नाम है एस-जीन किट। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में 250 किट उपलब्ध हैं।
जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा झांसी में शुरू करने के बाद मशीनों की खरीद आदि में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में कोरोना पॉजिटिव मिलने वाला मरीज ओमिक्रॉन का संदिग्ध है या नहीं, इसका पता एस-जीन किट से लगाया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेज को शासन की तरफ से 250 किट उपलब्ध कराई गई हैं। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि अब तक हुई जांच में पता चला है कि जिन कोरोना मरीजों में ओमिक्रॉन स्ट्रेन होता है, उनमें एस-जीन नहीं मिलती है। ऐसे में एस-जीन किट से रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो ये ओमिक्रॉन नहीं होता है। यदि एस-जीन की रिपोर्ट निगेटिव आती है तो मरीज में ओमिक्रॉन होने की संभावना होती है। फिर मरीज का सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा जाएगा। वहां पुष्टि हो जाएगी कि मरीज में ओमिक्रॉन स्ट्रेन है या नहीं।