अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जटिल हर्निया की चपेट में आई मरीज की डॉक्टरों ने सर्जरी करके जान बचा ली। इससे पहले तीन बार निजी अस्पताल में सर्जरी कराने के बावजूद मरीज की बीमारी ठीक नहीं हुई थी। पेट की दीवार भेदकर आंत बाहर आ गई थी।
हर्निया पेट की बीमारी है, जिसमें आंतें खराब हो जाती हैं और पेट में छिद्र बनने लगते हैं। आमतौर पर ये बीमारी पेट में होती है। मगर ये जांघ के ऊपरी हिस्से, नाभी और कमर के आसपास भी हो सकती है। मेडिकल कॉलेज में 15 जनवरी को जटिल हर्निया की समस्या से ग्रसित 57 वर्षीय महिला भर्ती हुई। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अलबेल सिंह यादव ने बताया कि महिला पहले ही नर्सिंगहोम में पेट की गांठ, संक्रमण और हर्निया के तीन ऑपरेशन करवा चुकी थी। इसके बावजूद उसे आराम नहीं मिला था। पेट की गांठ भी बढ़ती जा रही थी। छह महीने से परिजन महिला को लेकर अस्पतालों के चक्कर काट रहे थे। कोई तीन तो कोई चार लाख रुपये खर्च बता रहा था। पेट की दीवार भेदकर आंत बाहर आ गई थीं। सिर्फ त्वचा ही बची थी। प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि कॉलेज में महिला की नि:शुल्क सर्जरी हुई। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. सौरभ पुरोहित, डॉ. एस गौथमन, डॉ. मोहित, डॉ. संजय, डॉ. गौतम, डॉ. युवराज, डॉ. पी विनिथ, डॉ. जॉयमोन और एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. अंशुल जैन, डॉ. आकाशदीप, डॉ. शुभम शामिल रहे।