झांसी। फर्जी तरीके से हुई नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट में पहुंचने से नगर निगम में हड़कंप की स्थिति है। हाईकोर्ट ने कर्मचारी की नियुक्ति संबंधी पत्रावली तलब की हैं। आरोप है कि कर्मी को फर्जी तरीके से आउट सोर्स से स्थायी किया गया था।
नगर निगम की पिछली पंचवर्षीय योजना में एक जनप्रतिनिधि ने माली के पद पर सात वर्ष पहले गंगाराम नामक व्यक्ति की तैनाती आउट सोर्स पर की थी। इसके बाद उसे जल्द ही इसी पद पर स्थायी कर दिया गया था। गंगाराम स्थायी तो माली के पद पर हुआ था, लेकिन उसे जिम्मेदारी कर संग्राहक की दे दी गई थी। वर्तमान में माली का वेतन प्राप्त करने वाला गंगाराम कर संग्राहक का काम कर रहा है।
पिछले दिनों इस मामले में हाईकोर्ट में रिट दायर कर गंगाराम की नियुक्ति पर सवालिया निशान लगाया। रिट में आरोप लगाया गया है कि स्थायी नियुक्ति के लिए न तो शासन से कोई आदेश जारी किया गया और न ही तत्कालीन मंडलायुक्त से स्वीकृति ली गई थी।
फर्जी दस्तावेज लगाकर गंगाराम को स्थायी कर्मचारी का वेतन दिया जा रहा है। रिट पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नगर निगम से गंगाराम की नियुक्ति की पत्रावली तलब की हैं। कोर्ट द्वारा पत्रावली तलब करते ही नगर निगम में हड़कंप की स्थिति है। नगर निगम के अधिकारी आदेश को लेकर मंथन कर रहे हैं।
अभी और भी हैं गंगाराम
नगर निगम में फर्जी नियुक्ति का यह पहला मामला नहीं है। पूर्व में भी एक कर्मचारी की इसी प्रकार नियुक्ति पकड़े जाने पर उसे हटाया गया था। अभी भी नगर निगम में गंगाराम की तरह और कर्मचारी काम कर रहे हैं। जिनको पहले आउट सोर्स पर रखा गया और उसके बाद स्थायी कर दिया गया है।
गंगाराम की फर्जी तरीके से नियुक्ति का मामला संज्ञान में है। व्यस्तता के कारण अभी उस पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। एक-दो दिन में पत्रावली का अवलोकन कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-अरुण प्रकाश, नगरायुक्त, नगर निगम, झांसी।