अब यदि प्रदेश सरकार ओवरब्रिज के लिए अपने हिस्से का पैसा नहीं भी देती है, तो केंद्र सरकार अपने बजट से इसका निर्माण करवा सकती है।
भाजपा विधायक रवि शर्मा ने ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाने का मामला विधानसभा में दो बार उठाया था। जवाब में कहा गया कि फिलहाल वहां ओवरब्रिज नहीं बनवाया जा सकता। तब उन्होंने भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की और ओवरब्रिज की मांग रखी। दरअसल रेलवे पहले ही इसके लिए राजी है तो गडकरी ने इस पर सहमति जताई। साथ ही निर्देश दिया कि ग्वालियर रोड क्रासिंग पर ओवरब्रिज के लिए डीपीआर तैयार किया जाए।
रेलवे के इस ट्रैक पर रोज 50 ट्रेनों का आवागमन है। साप्ताहिक ट्रेनों और मालगाड़ियों को मिला लें तो यह संख्या 70 पहुंचती है। इस ट्रैक के दोहरीकरण के बाद ट्रेनों की संख्या और बढ़ेगी। अभी 24 घंटे में 14 घंटे क्रासिंग का गेट बंद रहता है। इस दौरान क्रासिंग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। रेलवे लाइन के दोनों ओर स्कूल हैं। एक तरफ राजकीय इंटर कालेज, बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कालेज तो दूसरी तरह राजकीय पालीटेक्निक है। इसके अलावा अन्य प्राइवेट विद्यालय भी हैं। घंटों क्रासिंग गेट बंद होनेे के कारण लोग परेशान हो जाते हैं। समय की बर्बादी होती है।
एक नजर
उप्र सेतु निगम की ओर बनाए गए इस्टीमेट के मुताबिक ओवरब्रिज बनाने में लगभग 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
-रेलवे की ओर से करवाए गए सर्वे के मुताबिक इस क्रासिंग से एक महीने के दौरान लगभग 1.75 लाख भारी और हल्के वाहन गुजरते हैं।
ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग (117 नंबर) ओवरब्रिज के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा है। हरी झंडी मिलते ही फाइल आगे बढ़ाई जाएगी।
- के.पी. त्रिपाठी
प्रोजेक्ट मैनेजर
उप्र राज्य सेतु निगम
सपा विधायक का दावा
ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज के लिए कोशिश की जा रही है। प्रदेश सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। रेलवे अनापत्ति प्रमाणपत्र दे तो काम शीघ्र शुरू हो सकता है।
- दीपनारायण सिंह
विधायक, गरौठा