संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। टहरौली निवासी गैंगस्टर एक्ट का आरोपी रवेंद्र उर्फ रब्बू अदालत में पैरवी न होने का शिकार हो गया। हत्या के एक मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने उस पर गैंगस्टर एक्ट लगा दिया। वर्ष 2019 में गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया, लेकिन पैरवी न होने से उसे साढ़े पांच साल जेल में बिताने पड़े, जबकि गैंगस्टर एक्ट में न्यूनतम सजा दो साल एवं अधिकतम सजा दस वर्ष है। यह मामला सामने आने के बाद कानूनी सहायता प्रणाली की मदद से कोर्ट में उसकी पैरवी हुई। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर अधिनियम) कमलकांत श्रीवास्तव ने उसकी जमानत याचिका मंजूर कर दी।
चीफ डिफेंस काउंसिल अधिवक्ता प्रतीक समाधिया ने बताया कि रवेंद्र उर्फ रब्बू गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमे में गिरफ्तारी के बाद वर्ष 2019 से जेल में बंद है। वह सक्षम तरीके से पैरवी नहीं कर पा रहा था। इसके चलते उसकी जमानत नहीं हो पा रही थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शरद चौधरी ने उसे कानूनी सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए। लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (एलएडीसीएस) के तहत उसे कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। रवेंद्र को पिछले दिनों कोर्ट ने जमानत दे दी।