0 हेरिटेज वृक्षों में 16 पीपल, 11 बरगद, एक-एक नीम और इमली का पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। 100 से 200 साल पुराने हेरिटेज वृक्षों को वन विभाग सहेजे हुए है। 16 पीपल, 11 बरगद, एक-एक नीम और इमली के पेड़ इसमें शामिल हैं। चार वन क्षेत्र और बाकी सार्वजनिक स्थलों पर सहेजे गए हैं।
वनाधिकारी नीरज आर्या ने बताया कि जनपद में 30 ऐसे हेरिटेज वृक्ष हैं, जिसे वन विभाग ने सहेजे हैं। इनमें पीपल का पेड़ 200 साल पुराना है और यह बबीना वन रेंज में है। इसके अलावा 120 साल पुराना बरगद, 170-170 साल पुराने दो पीपल के पेड़ हैं। 105 साल पुराना बरगद गुरसराय के लठवारा के श्री हरिहर इंटर कॉलेज, 101 साल पुराना पीपल बस स्टैंड के पंडवाहा, 102 साल और 105 पुराने दो पीपल के पेड़ गुरसराय के जसवंतपुरा में दुर्गा माता मंदिर के पास, 106 और 108 साल पुराना बरगद और पीपल का पेड़ गुरसराय के पुराना पुरा गांव में है। वहीं, 110 साल पुराना गुरसराय के खड़ैरा के जूनियर हाईस्कूल, 108 और 105 साल पुराने दो पीपल के पेड़ गुरसराय के कटरा बाजार में हरदौल बाबना के चबूतरे पर, 105 साल पुराना पीपल गुरसराय के कटरा बाजार में श्री कल्याण बाल मंदिर के पास है।
बामौर में हनुमान मंदिर के पास, चकाडोरी आश्रम के पास 110, 108 और 115 साल पुराने दो पीपल और एक बरगद का पेड़ है। इसी प्रकार मऊरानीपुर में भी सात हेरिटेज वृक्ष हैं, इनमें 110 और 120 साल पुराने दो पीपल, 115 साल पुराने दो बरगद और एक इमली का पेड़ है। साथ ही 140 और 100 साल पुराने दो बरगद के पेड़ हैं। झांसी किला में 100 साल पुराना पीपल का पेड़ है, जबकि चिरगांव में 120, 110 और 105 साल पुराने एक पीपल और दो बरगद के पेड़ हैं। मोठ में कारस देव बाबा के पास और सांई का कुआं अमरौख में 102 और 105 साल पुराना नीम और बरगद का पेड़ है।