अबकी बार मौसम का मिजाज किसानों के अनुकूल है। पिछले कई वर्षों के बाद ऐसा अवसर आया है, जब खेती के लिए ऐसी परिस्थितियां बनी हैं। यदि मौसम इसी तरह रहा तो इस बार रिकार्ड पैदावार होगी। अनाज के दाम कम हो सकते हैं।
रबी फसल की बुआई अंतिम दौर में पहुंच गई है। कृषि विभाग ने इस बार खेती की बुआई के लिए जो लक्ष्य तय किया था, करीब- करीब उसी के अनुसार बुआई हो रही है। रबी सीजन में 2016-17 में गेहूं की बुआई 1,58,204 हेक्टेयर में करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि एक दिसंबर तक 1,10,322 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी थी। गेहूं की बुआई दिसंबर के अंत तक होती है। जिस तरह से बुआई हो रही है, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गेहूं की बुआई का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। राई/ सरसों के लिए 9,887 हेक्टेयर में बुआई का लक्ष्य है और अब तक 8,210 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है। तोरिया की बुआई के लिए 1,105 हेक्टेयर का लक्ष्य था, लेकिन किसानों ने लक्ष्य से ज्यादा 1,152 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बुआई कर दी है।
अलसी जरूर लक्ष्य से थोड़ी पिछड़ गई है। 452 हेक्टेयर के सापेक्ष 325 हेक्टेयर में बोई गई है। हालांकि, कृषि वैज्ञानिकों ने बुंदेलखंड की परिस्थितियों को देखते हुए कम पानी मेें पैदा होने वाली फसलें बोने की सलाह दी थी। साथ ही अलसी की अधिक से अधिक बुआई करने पर जोर दिया था, लेकिन किसानों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। मटर की बुआई का लक्ष्य 56,957 हेक्टेयर का था, लेकिन बुआई का आंकड़ा लक्ष्य से करीब पांच हजार हेक्टेयर ज्यादा 61,892 हेक्टेयर पहुंच गया है। चना की बुआई का लक्ष्य 47,846 हेक्टेयर तय किया गया था, लेकिन अब तक 41,421 हेक्टेयर में बुआई हो चुकी है। अन्य क्षेत्रों में बुआई चल रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आंकड़ा लक्ष्य तक पहुंच जाएगा।
अनुकूल है मौसम
बुंदेलखंड में कभी सूखा तो कभी ओलावृष्टि के कारण पिछले कई वर्षों से मौसम बिगड़ा हुआ चल रहा था, लेकिन इस बार खेती के अनुकूल मौसम है। किसानों को वर्षों बाद अच्छी फसल पैदा होने की उम्मीद जागी है। इस कारण बुआई लक्ष्य के करीब पहुंचने की उम्मीद है। यदि फसल की कटाई तक अनुकूल मौसम रहता है तो इस बार रिकार्ड उत्पादन होगा।
- डा. बीआर मौर्य
जिला कृषि अधिकारी