फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदी की लगातार बढ़ रही है उपयोगिता और आवश्यकता

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। शनिवार को हिंदी साहित्य भारती की दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बैठक का शुभारंभ हुआ, जिसमें वक्ताओं ने कहा कि समाज में हिंदी की उपयोगिता व आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। हिंदी हर भारतवासी के रग-रग में व्याप्त है। बावजूद, हिंदी को वो सम्मान नहीं मिला जिसकी वह हकदार है।
विज्ञापन

पं. दीनदयाल सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि हरियाणा के पूर्व राज्यपाल डा. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हिंदी की उपयोगिता व आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है। प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे नंदकुमार ने कहा कि हर व्यक्ति सार्थक जीवन जीने की कोशिश करे। निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर डा. शाश्वतानंद गिरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति अध्यात्म से ओतप्रोत है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल डा. शेखर दत्त भी मौजूद रहे।
इस दौरान एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक विजयलक्ष्मी मुरलीधरन, हिंदी विभागाध्यक्ष रामागुंडम, गोपाल दास माहेश्वरी व डा. चितरंजन को सम्मानित किया गया। आयोजन में बीयू के कुलपति डा. मुकेश पांडेय, कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. अरविंद कुमार, भारत सरकार के जन संचार संस्थान के प्रो. संजय द्विवेदी, डा. अचला, भूपेंद्र कुमार, डा. रमा सिंह, आचार्य देवेंद्र देव विशेष रूप से मौजूद रहे। अध्यक्षता संस्था के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व शिक्षा मंत्री रवींद्र शुक्ल ने की।
विज्ञापन

आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, एमएलसी रमा निरंजन, ब्लॉक प्रमुख राजकांतेश वर्मा, पूर्व महापौर किरण वर्मा समेत संजीव श्रृंगीऋषि, प्रदीप सरावगी, कवि अर्जुन सिंह चांद, डा. नीति शास्त्री, अनिरुद्ध दुबे, शशांक गुरनानी, भरत दुबे, बाबूलाल तिवारी, हेमंत परिहार आदि मौजूद रहे। आयोजन का प्रबंधन निशांत शुक्ला व नीरज सिंह ने किया। संचालन डा. कीर्ति काले व आभार डा. नरेश मिश्र ने जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें