बिना पुलिस लिए झोकन बाग स्थित पेट्रोल पंप के पास अतिक्रमण हटाने गई नगर निगम की टीम को डंडे खाने पड़े। गनीमत रही कि अतिक्रमणकारी ज्यादा हमलावर नहीं हुए और भाग गए, अन्यथा टीम को लेने के देने पड़ सकते थे।
तहसील दिवस में शिकायत की गई थी कि झोकन बाग स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क पर चाय की गुमटी रखी है। हटाने को कहने पर दुकानदार विरोध होता है और लड़ने पर उतारू हो जाता है। बृहस्पतिवार को नगर निगम की टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने चाय की गुमटी हटाने को कहा तो दुकानदार विरोध करने लगा। कर्मचारियों ने सख्ती की तो उसने आसपास वालों को बुला लिया, जिससे भीड़ इकट्ठी हो गई।
टीम ने गुमटी उठाकर ट्रैक्टर में डाली तो एक व्यक्ति पीछे से आया और कर्मचारी धर्मेंद्र को पीछे से डंडा मारने लगा। उसने ईंट भी फेंक कर मारी, लेकिन किसी को लगा नहीं। जब पलटकर नगर निगम के कर्मचारी उसके पीछे दौड़े तो झोकनबाग के नाले में घुसकर तेजी से भाग गया। कर्मचारियों ने भी बचाव में ईंटें फेंक कर मारे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। नगर निगम के कर्मचारियों के साथ पुलिस फोर्स नहीं था, इसलिए कर्मचारी गुमटी जब्त कर चुपचाप वापस लौट आए।
उधर, सीपरी बाजार में होटल हाइवे के पास लगने वाले मछलियों के दुकानदारों को हटा दिया गया। मछली बेचने के कारण इसकी गंदगी से होटल और आसपास वालों को परेशानी हो रही थी। मछली बेचने के लिए नगर निगम ने पहूंज नदी के किनारे स्थान तय किया है, लेकिन दुकानदार वहां नहीं जाते हैं। बृहस्पतिवार को दुकानदारों को हटा दिया गया।
बिजौली में जमीन नापी
बिजौली में नगर निगम ने छह एकड़ जमीन की नापजोख की। जमीन पर खेती हो रही है। टीम ने नापजोख लगभग पूरी कर ली, कुछ हिस्सा बाकी रह गया है। यहां पर कुछ लोगों ने मकानों की नींव खोद ली है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जब नगर निगम की टीम दोबारा वहां जाएगी और नापजोख करेगी तो विरोध भी हो सकता है। आराजी नंबर 3485, 3515 और 3424 में लगभग छह एकड़ जमीन है। नगर निगम की इस जमीन पर कुछ लोग खेती कर रहे हैं। नगर निगम इसे अपने कब्जे में लेना चाहता है, इसलिए बृहस्पतिवार को संपत्ति अधिकारी आनंद सिंह, कानूनगो माताप्रसाद, लेखपाल प्रदीप दुबे, ग्यादीन, अरविंद मिश्रा, सुरेंद्र कुमार, रियाज और गोकुल प्रसाद मौके पर पहुंचे और जमीन की नापजोख की। शाम तक हुई नाप में जमीन पर कई स्थानों पर खेती पाई गई। कुछ हिस्से पर प्लाटिंग थी तथा उनकी नींव भरी हुई थी। लेकिन, शाम हो जाने के कारण नाप नहीं हो सकी।