डाक्टर के घर आग लगाने वाला पुलिस के हत्थे चढ़ा
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आवास विकास कालोनी में पिछले सप्ताह एक डाक्टर के घर आग लगाकर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने कैलाश तिवारी नामक युवक को गिरफ्तार किया है। इसकी योजना उसने एक साउथ की फिल्म देखकर बनाई थी, जिसका हीरो डाक्टर - इंजीनियर को धमकाकर उनसे पैसे वसूलता था और उन पैसों से अपना व्यापार शुरू कर बड़ा आदमी बन जाता।
पांच मार्च की रात सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के संगम विहार में रहने वाले डा. अजहर सिद्दीकी के घर कांच की बोतल में पेट्रोल भरने के बाद उसमें आग लगाकर फेंकी गई थी। इससे घर में रखी बाइक व कार जल गई थी। घटना के दो दिन बाद डाक्टर के पास फोन आया, जिसमें एक युवक ने बताया कि इस घटना को किसने अंजाम दिया, इसकी उसे पूरी जानकारी है। उन्हें दो लाख रुपये दे दो, वरना वह लोग खून की होली खेलेंगे। इसकी सूचना डाक्टर ने पुलिस को दी। एसपी सिटी दिनेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए युवक का नाम कैलाश तिवारी है और वह बांदा का रहने वाला है। वह यहां अपनी चचेरी बहन के यहां पठौरिया मुहल्ले में रहता है। युवक ने अपनी नौकरी लगवाने के लिए एक व्यक्ति को पंद्रह हजार रुपये दिए थे, परंतु नौकरी नहीं लगी। लेकिन, वह अपने पिता से झूठ बोलता रहा कि वह एक बैंक में नौकरी कर रहा है और अठारह हजार रुपये महीने तनख्वाह मिलती है। जबकि, वह मेडिकल के बाहर चाय की दुकान खोले हुए था, परंतु दुकान नहीं चली। इस पर उसने एक साउथ की फिल्म को देखकर उक्त घटना को अंजाम देने की योजना बनाई। लेकिन, वह अपने प्लान में कामयाब होने के पहले पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
मरीज बनकर किया था फोन
पैसा वसूली का प्लान बनाते ही युवक ने साइकिल से शहर की बड़ी कालोनियों के चक्कर काटने शुरू कर दिए थे। इसी दौरान उसे डाक्टर का घर दिखाई दिया, जिस पर नेम प्लेट लगी हुई थी। घर के पास ही एक बोर्ड पर डाक्टर का नाम व फोन नंबर भी लिखा था। नंबर की पुष्टि करने के लिए पहले युवक ने डाक्टर को मरीज बनकर फोन किया। नंबर की पुष्टि होने के बाद घटना को अंजाम दिया।