झांसी। सूखे की विभीषिका से जूझ रहे बुंदेलखंड में पानी के स्रोत समाप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने जनपद समेत पूरे बुंदेलखंड में हैंडपंप लगाने पर जोर दिया है। शासन ने बुंदेलखंड के लिए 5786 नए हैंडपंपों की सौगात दी है। इनमें अकेले जनपद को ही 1100 नए हैंडपंप मिले हैं।
सूखे के चलते गांवों में जहां पेयजल संकट गहराता जा रहा है, वहीं दिनों-दिन पानी के स्रोत भी खत्म हो रहे हैं। ऐसे में शासन नए स्रोत तलाशने और पुराने हैंडपंपों को रीबोर अथवा सूखते कुओं का गहरीकरण करने की आवश्यकता पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में सरकार ने 13 अप्रैल 2016 को बुंदेलखंड के सातों जनपदों में जल निगम को कुल 2560 हैंडपंप लगाने की संस्तुति कर दी थी, इस पर लगभग 18.42 करोड़ का खर्च आ रहा था।
लेकिन, जरूरत को देखते हुए अगले ही दिन 14 अप्रैल को बुंदेलखंड के सातों जनपदों में 3226 नए हैंडपंप और स्वीकृत कर दिए गए। इस पर लगभग 21.57 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इनकी क्वालिटी इंडियन मार्का-2 की होगी।
जिलावार मिले हैंडपंप
1. झांसी 1100
2. जालौन 800
3. बांदा 560
4. ललितपुर 1000
5. महोबा 700
6. चित्रकूट 1000
7. हमीरपुर 626
‘ शासन ने बुंदेलखंड के सातों जनपदों के लिए कुल 5786 नए हैंडपंप लगाए जाने का आदेश दिया है। धनराशि अभी मिली नहीं है। जिला प्रशासन के अनुमोदन के बाद धनराशि मिलेगी, तब कार्य में तेजी आएगी।’
राजेश मित्तल
महाप्रबंधक
जल निगम झांसी