बालिका दिवस विशेष : नंदनी ने मिट्टी की पहचान को विकसित किया एप, जापान जाकर रश्मि ने सीखी थी विज्ञान की तकनीक
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बेटियां बेटों के साथ कदम से कदम मिलाकर ऊंचे मुकाम हासिल कर रही हैं। ऐसे ही जिले के छोटे से गांवों की दो बेटियां नंदनी और रश्मि हैं, जिन्होंने संघर्ष के बीच सफलता की इबारत लिखी। इनमें एक बालिका ने मिट्टी की पहचान के लिए एप विकसित किया था। जोकि मिट्टी में मौजूद विभिन्न पोषक तत्वों का विश्लेषण करके सबसे उपयुक्त फसल की पहचान कर सकता है। वहीं दूसरी बालिका ने जापान साइंस हाईस्कूल प्रोग्राम के तहत जापान जाकर वहां पर विज्ञान की तकनीक को सीखकर अपना ज्ञान बढ़ाया। वर्तमान में दोनों छात्राएं कस्बा महरौनी के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हैं।
तहसील महरौनी के पठा गांव की रहने वाली नंदिनी जोकि वर्तमान में शासकीय कन्या इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हैं। वर्ष 2021 में ‘युवाओं के लिए जिम्मेदार एआई’ परियोजना के तहत वेबसाइट लांच की गई थी। तब नंदनी अपने गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में आठवीं कक्षा में थी। नंदनी ने अपने मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन क्लासेज ली और अपना हुनर दिखाते हुए मिट्टी की खराब गुणवत्ता के कारण विषम फसल उत्पादन से संबंधित दिन-प्रतिदिन की समस्याओं को देखते हुए एक एप बनाया। इसे उसने मिट्टी को जानो, फसल पहचानो नाम दिया। स्मार्ट डेटा-आधारित यह एप विभिन्न पोषक तत्वों का विश्लेषण करके मिट्टी के लिए सबसे उपयुक्त फसल की पहचान कर लेता है। इसमें मिट्टी से नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, तापमान, आद्र्रता सामग्री और वर्षा की सामग्री के लिए डेटा प्राप्त कर लेता है।
प्रोजेक्ट आइडिया के तहत नंदनी देश के शीर्ष 20 छात्रों में स्थान पाने में सफल हुई। उसकी इस उपलब्धी पर 29 नवंबर 2021 को दिल्ली में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अभिनव परियोजना प्रदर्शनी और पुरस्कार समारोह में उसे रेल मंत्री अश्विन वैष्णव ने सम्मानित किया था। इसके बाद 4 जुलाई 2022 को नंदनी के इस एप प्रोजेक्ट को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा था औ नंदनी से इस एप के विषय में जानकारी लेकर उसे शाबाशी दी थी। नंदनी ने बताया कि उसने यह एप अपने पिता सहित सभी किसानों को वर्षों से कम फसल उत्पादन की चुनौती का सामना करते देखने पर बनाया था। अब उसका सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है।
वहीं जनपद की दूसरी बेटी तहसील महरौनी के देवरान निवासी रश्मि है। रश्मि का चयन युवाओं के मध्य ज्ञान का आदान प्रदान करने के उद्देश्य से जापान में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रतिभाग करने के लिए हुआ था और अप्रैल 2024 में वह चयनित हुई देश की अन्य छात्र-छात्राओं के साथ जापान गई थी। यहां रश्मि ने विज्ञान की तकनीक को सीखा था। वर्तमान में रश्मि महरौनी स्थित जीजीआईसी में कक्षा 12वीं में पढ़ाई कर रही है। रश्मि का सपना पुलिस विभाग में जाने का है। विद्यालय की प्रधानाचार्या शीलम गुप्ता ने बताया कि रश्मि शुरू से ही काफी मेधावी छात्रा है। वह साधारण से किसान परिवार से आती है। उसके पिता खेती किसानी करके बच्ची को पढ़ा रहे हैं। साधारण से किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली नंदनी और रश्मि की जिले में काफी चर्चा रहीं थी।
विद्यालय में अध्ययनरत दोनों छात्राओं ने जनपद सहित विद्यालय का नाम देश में रोशन किया है। दोनों ही छात्राएं काफी मेधावी हैं और साधारण से किसान परिवार से तालुक्क रखती हैं। वर्तमान में दोनों छात्राएं इंटरमीडिएट में पढ़ाई कर रही हैं। -शीलम गुप्ता, प्रधानाचार्या जीजीआईसी महरौनी