झांसी। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट न हो, इसके लिए प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। हैंडपंपों की मरम्मत व टैंकरों से पानी की आपूर्ति के लिए एक करोड़ अस्सी लाख रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है।
विकास भवन सभागार में हुई बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी / सीडीओ संजय कुमार ने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की समस्या के कारण बंद पड़ी पेयजल योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई हैंडपंप रीबोर कराना प्रस्तावित है तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह दस वर्ष पुराना हो, यदि नये हैंडपंप रीबोर कराए गए तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्राम कंजा, रसीना, गणेशपुरा, इमलिया में पेयजल की समस्या को शीघ्र हैंडपंप दुरुस्त कर दूर करने के निर्देश दिए।
पाइप पेयजल परियोजना के सफल संचालन के लिए कनेक्शन धारक से नियमित मासिक शुल्क जमा कराने को कहा। जो परियोजनाएं विभिन्न कारणों से बंद हैं, उनके स्टीमेट एक-दो दिन में बनाने को कहा, ताकि कार्य प्रारंभ कराया जा सके।
जल संस्थान के जेई गंगा सागर व श्यामबाबू ने बताया कि एक नगर निगम, पांच नगर पालिकाओं व सात नगर पंचायतों में स्थापित हैंडपंपों की मरम्मत के लिए 46.35 लाख रुपये की कार्य योजना तैयार कर ली गई है।
साथ ही 13 नगरीय इकाइयों में टैंकर से जलापूर्ति हेतु 30 नये टैंकर खरीदने व पुराने टैंकर की मरम्मत व संचालन हेतु एक करोड़ 33 लाख 65 हजार रुपये की कार्य योजना तैयार की गई है।
बैठक में पीडी प्रहलाद सिंह, डीडी कृषि डा. यूपी सिंह, डीआईओएस एनके पांडेय, डीपीआरओ केके सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम एपी यादव, समाज कल्याण अधिकारी इसराउल हक, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई डीपी वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अफसर मौजूद रहे।