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Jhansi News: सीबीआई ने दोनों अधीक्षकों से की पूछताछ की, वरिष्ठ अफसरों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी/लखनऊ। कारोबारी से घूस लेने में गिरफ्तार हुए सीजीएसटी के अधीक्षक अनिल तिवारी एवं अजय शर्मा ने सीबीआई से पूछताछ के दौरान कई अहम राज उगले हैं। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि उनकी विभागीय वरिष्ठ अफसरों से मिलीभगत थी। छापे के बाद डिप्टी कमिश्नर और दोनों अधीक्षकों ने इसी वजह से बरामद दस्तावेज कार्यालय में जमा नहीं कराए थे। वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भी नहीं भेजी थी।



बृहस्पतिवार को रिमांड के दौरान सीबीआई के अफसरों ने अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा से उनके घर से बरामद नकदी और चांदी के बारे में भी सवाल किए। साथ ही, इससे पहले उनके द्वारा किन कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे गए थे, उसका भी ब्योरा जुटाया है।
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दोनों अधीक्षक ने कबूला कि वकील नरेश कुमार गुप्ता ने ही उनका संपर्क कारोबारियों से कराया था और उनका मामला खत्म कराने के लिए 1.50 करोड़ रुपये घूस देने का भरोसा दिया था। उन्होंने बताया कि नरेश कुमार गुप्ता इससे पहले भी कई कारोबारियों के खिलाफ टैक्स चोरी के मामलों की पैरवी करने आते थे। अधिकारियों ने यह भी पूछा कि उन्होंने छापे की सूचना किन वरिष्ठ अधिकारियों को दी थी और उनकी ओर से क्या निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि डिप्टी कमिश्नरर प्रभा भंडारी ने इस बाबत मुख्यालय को कुछ भी बताने से मना किया था। सीबीआई दोनों से शुक्रवार को भी पूछताछ करेगी, जिसके बाद उन्हें शाम को वापस जेल भेज दिया जाएगा।
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