झांसी। आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग भारी पड़ सकता है। जिलाधिकारी के निर्देश पर निबंधन विभाग द्वारा इसकी जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा शुरुआत में मुख्य मार्गों के किनारे स्थित संपत्तियों की जांच की जाएगी। तदुपरांत, शहर के अंदरूनी हिस्सों में जांच होगी।
सड़क किनारे की संपत्तियां तेजी से व्यावसायिक होती जा रही हैं। मुख्य मार्गों पर स्थित भवनों का उपयोग कार्यालय व अन्य व्यावसायिक कार्यों में किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के अंदरूनी हिस्सों के रिहायशी इलाके भी बाजारों में तब्दील होते जा रहे हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर संपत्तियां अब भी राजस्व अभिलेखों में आवासीय रूप से दर्ज हैं। बहुत कम संपत्तियां ही व्यावसायिक दर्शाई जाती हैं। लेकिन, अब यह स्थिति भारी पड़ सकती है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर निबंधन विभाग द्वारा इसकी जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग द्वारा सड़क किनारे की पांच सौ मीटर की परिधि की संपत्तियों की सूची तैयार की जाएगी। तदुपरांत, सर्वेक्षण कर यह जानकारी जुटाई जाएगी कि संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है या आवासीय।
जिन भवनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, उनमें जांच की जाएगी कि कांपलेक्स में जो व्यवसायी हैं, उनके द्वारा संपत्ति क्रय की गई है या किरायेदार हैं। इसके लिए भवन स्वामियों से नोटिस के माध्यम से संपत्ति के अभिलेख तलब किए जाएंगे। तदनुसार संबंधितों से निबंधन शुल्क वसूल किया जाएगा।
रोजाना होगा बैनामों का ब्योरा ऑनलाइन
झांसी। जमीन की खरीद-फरोख्त पर शासन की विशेष नजर है। इसी के चलते अब निबंधन विभाग को जमीनों की प्रतिदिन की खरीद-फरोख्त का ब्योरा ऑनलाइन करना होगा। शासन द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग ने एक दिसंबर से यह ब्योरा मांगा है। सब रजिस्ट्रार कार्यालयों द्वारा तय तिथि से अब तक का रोजाना का ब्योरा विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है।