झांसी। मनरेगा के कार्यों व भुगतान संबंधी शिकायतों पर निगरानी रखने के लिए प्रत्येक दस ग्राम पंचायतों पर एक सोशल ऑडिट टीम का गठन किया जा रहा है। प्रत्येक टीम में पांच सदस्य होंगे। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर साक्षात्कार शुरू हो गया है।
मनरेगा के भुगतान में ग्राम प्रधानों द्वारा की जाने वाली अनियमितताओं एवं कार्योँ में होने वाली गड़बड़ियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शासन ने प्रत्येक दस गांव पर एक सोशल ऑडिट टीम गठित करने का निर्णय लिया है। इस टीम में पांच सदस्य होंगे, जो मनरेगा से संबंधित प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखेंगे।
इन पांच सदस्यों में सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग व एससी/एसटी वर्ग का एक-एक सदस्य होगा। इनके अलावा एक महिला व एक श्रमिक सदस्य होगा। यह वह श्रमिक होगा, जो मनरेगा के तहत कम से कम 15 दिन तक काम कर चुका होगा। श्रमिक के अलावा प्रत्येक सदस्य को कम से कम हाईस्कूल पास होना अनिवार्य है। इस टीम का साक्षात्कार प्रत्येक ब्लॉक कार्यालय में किया जा रहा है।
परियोजना अधिकारी प्रह्लाद सिंह के अनुसार चयन समिति में जिला विकास अधिकारी अध्यक्ष, जीआईसी के प्रधानाचार्य सदस्य व जिला सोशल कोऑर्डिनेटर सदस्य/सचिव के रूप में मनोनीत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बड़ागांव, बबीना, बामौर व गुरसरांय ब्लाक में सभी टीमों के साक्षात्कार संपन्न हो चुके हैं। अब बंगरा में 26 को, चिरगांव में 30 को, मोंठ में 31 को एवं मऊरानीपुर में 28 मार्च को साक्षात्कार होंगे।