अमेरिका में निवास कर रहे झांसी के तैयब अली, सिराज अली, आरिफ अली अपने परिजनों के साथ।
झांसी। ईरान पर हुए अमेरिकी हमले के बाद से ही जिले में भी बैचेनी का आलम है। महानगर से करीब आधा दर्जन से अधिक लोग अमेरिका में जॉब कर रहे हैं। परिजनों को उनकी सुरक्षा चिंता सताने लगी है। दोनों ओर से बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है।
महानगर से आधा दर्जन से अधिक लोग अमेरिका के कई प्राइवेट कंपनियों में जॉब कर रहेे हैं। बीते दिनों ईरान पर हुए अमेरिकी हमले के बाद से वहां तनाव का माहौल बना है। ऐसे में अमेरिका में रह रहे स्थानीय युवाओं के परिजनों की चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई है। गनीमत यह है कि ईरान में मौजूद युवाओं की यहां उनके परिजनों से फोन पर लगातार बात हो रही है। ऐसे में उनकी कुशलक्षेम उन्हें लगातार मिल रहा है। सभी युवाओं के वहां पूरी तरह सुरक्षित होने पर परिजनों ने भी राहत की सांस ली है।
टकसाल मोहल्ला निवासी शाबिया लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में प्रवक्ता हैं। उनकी पुत्री जीनत कौसर अमेरिका की क्रिकेट टीम में खिलाड़ी है। उनका पुत्र जावेद भी अमेरिका की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है। तनाव के बाद से उनको भी अपनी पुत्री व पुत्र की चिंता है। हालांकि, इसके बाद से दिन में कई बार बातचीत का सिलसिला लगातार जारी है। इसी तरह, कोतवाली की ढाल के पास रहने वाले तैयब अली अमेरिका की एक कंपनी में मैनेजर हैं। उनके भाई आरिफ भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। परिजन सभी के लिए दुआएं कर रहे हैं। सीपरी क्षेत्र से भी कई युवा अमेरिका में नौकरी कर रहे हैं।
जल्द सब बेहतर होगा
मेरे भाई अमेरिका में नौकरी करते हैं। विवाद के चलते सभी की चिंता होने लगी है। दिन में कई-कई बार बात कर कुशलक्षेम लिया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही सब बेहतर होगा।
जहीर, भाई
मुझे अपने बच्चों की चिंता है। मैं फोन कर हर समय हालात की जानकारी लेती हूं। खुदा से दुआ कर रही हूं कि वहां शांति बनी रहने के साथ सभी की सलामती बनी रहे।
शाबिया, अभिभावक