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होम आइसोलेशन में दस दिन तक निगरानी चार्ट भरेंगे मरीज

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झांसी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना संक्रमितों के लिए नई गाइड लाइन जारी कर दी है। अब मरीजों को होम आइसोलेशन में रहते हुए दस दिन तक निगरानी चार्ट भरना पड़ेगा। होम आइसोलेशन में रहने के बाद यदि मरीज स्वस्थ है तो कोरोना की जांच कराने की जरूरत नहीं है।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने नियमों में बदलाव करते हुए संशोधित गाइड लाइन जारी कर दी है। सभी कोविड मरीजों को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह नहीं दी गई है, बल्कि होम आइसोलेशन में इलाज कर रहे चिकित्सक की जांच के आधार पर हल्के व बिना लक्षण वाले मरीज के तौर पर प्रमाणित करने की जरूरत को अनिवार्य बताया गया है। ऐसे मामलों में मरीज के घर पर सेल्फ. आइसोलेशन और परिवार के लोगों को क्वारंटीन करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। मरीज की देखभाल कर रहे व्यक्ति और करीबी लोगों को चिकित्सक के परामर्श के मुताबिक हाइड्राक्सीक्लोक्वाइन प्रोफाईलैक्सिस लेनी चाहिए।
वहीं, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले या एचआईवी ट्रांसप्लांट कराने वाले, कैंसर रोग से पीड़ित लोगों को होम आईसोलेशन में नहीं रहने की सलाह दी गई है। जबकि 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोग जो उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग एवं कमजोर फेफडे़ और गुर्दे की बीमारी से ग्रसित हैं, उनमें कोरोना की पुष्टि होने पर चिकित्सक की अनुमति के बाद ही होम आईसोलेशन में रहने की बात कही गयी है।
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गाइड लाइन में होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीजों को 10 दिनों तक निगरानी चार्ट भरने को कहा गया है। निगरानी चार्ट में प्रतिदिन शरीर के तापमान, ऑक्सिमीटर से ह्रदय गति एवं ऑक्सीजन के स्तर को भरा जाएगा। इस चार्ट में प्रत्येक दिन की स्थिति भी भरने होगी, जैसे स्थिति पहले से बेहतर है या पहले जैसी अथवा उससे खराब हुई है। इसी निगरानी चार्ट के आधार पर मरीज को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी। यदि मरीज की स्थिति बिगड़ती है तो उसे अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
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