झांसी। छेड़खानी से परेशान पीड़िता गुहार लगाने कोतवाली पहुंची लेकिन पुलिस कार्रवाई के लिए उल्टे उससे ही आरोपियों के मोबाइल नंबर मांगने लगी। कोतवाली पुलिस का कहना है पीड़िता पहले आरोपी का मोबाइल नंबर लेकर आए तब उसे पकड़ेगी। पुलिस के जवाब से हैरान पीड़िता को समझ में नहीं आ रहा कि वह अब कहां जाकर गुहार लगाए। पीड़िता का आरोप है आरोपी युवक मुकदमा वापस लेने के लिए भी उसे लगातार धमका रहा है।
सरकार ने महिला की मदद के लिए मिशन शक्ति जैसे अभियान छेड़ रखे हैं। महिलाओं की खातिर हर थाने में महिला हेल्प खोली गई लेकिन यह सारी बातें खोखली दिखाई पड़ती हैं। सूजे खां खिड़की के पास रहने वाली युवती ने 23 दिसंबर को कोतवाली में लक्ष्मीनारायण उर्फ भगत, आकाश एवं गौरव पाठक निवासी कृषि नगर कॉलोनी झांसी के खिलाफ छेड़खानी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता का कहना है नवंबर में उसका मोबाइल फोन खो गया था। इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने वह कोतवाली पहुंची। यहां उसकी मुलाकात लक्ष्मीनारायण उर्फ भगत से हुई। भगत ने रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही उसका मोबाइल भी बरामद करा देने के एवज में 2900 रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद भगत ने गौरव पाठक को कोतवाली का दरोगा बताकर उसकी मुलाकात कराई। उसके साथ उसका दोस्त आकाश भी था। पीड़िता का कहना है गौरव ने नौकरी दिलाने की बात कही। उससे डेढ़ लाख रुपया ले लिया। इस दौरान गौरव ने उसके साथ गलत संबंध बनाने की कोशिश की लेकिन, उसने मना कर दिया। इससे गौरव नाराज हो गया। उसने घर में घुसकर कई बार उसके साथ छेड़खानी की। परेशान होकर उसने कोतवाली में तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। एफआईआर दर्ज कराने के बाद भी तीनों का रवैया नहीं बदला। पुलिस भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही। पीड़िता का आरोप है आरोपियों की कोतवाली पुलिस मदद कर रही है। कार्रवाई के लिए जब वह कोतवाली पहुंचती है तब उसे पहले आरोपियों के नंबर बताने की बात कहकर टरका दिया जाता है।