झांसी। पटना से कुरुक्षेत्र जाते समय मां-बाप से बिछड़ी किशोरी बृहस्पतिवार की देर रात वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी स्टेशन पर भटकती हुई मिली। एक महिला ने मदद करते हुए किशोरी को झांसी स्टेशन पहुंचाया था। शुक्रवार की सुबह उसे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया।
पटना के मसौड़ी निवासी विपत बिन अपने परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए कुरुक्षेत्र जा रहे थे। इसी बीच रास्ते में उनकी 14 साल की बेटी बिछड़ गई। इस पर एक महिला ने उसे झांसी स्टेशन तक पहुंचाया और उसे सलाह दी कि वह स्टेशन पर पुलिस के पास पहुंच जाए। यहां बृहस्पतिवार की देर रात वह मुख्य द्वार के पास बैठी हुई थी। सूचना पर डिप्टी एसएस एसके नरवरिया मौके पर पहुंच गए। वह किशोरी को अपने साथ कार्यालय में ले आए और सूचना जीआरपी, आरपीएफ व चाइल्ड लाइन को दी। रात भर किशोरी डिप्टी एसएस के कार्यालय में बैठी रही। शुक्रवार की सुबह उसे चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया।
सुपुर्दगी में लेने से खड़े किए हाथ
किशोरी के मिलते ही डिप्टी एसएस की ओर से सूचना जीआरपी, आरपीएफ और चाइल्ड लाइन को कर दी गई थी। तीनों टीमें मौके पर पहुंच गईं थीं। लेकिन, किसी ने भी रात में किशोरी को अपनी सुपुर्दगी में नहीं लिया। उनका कहना था कि उनके पास महिला स्टाफ नहीं है, जिससे वे किशोरी को थाने नहीं ले जा सकते हैं। इस पर डिप्टी एसएस एसके नवरिया रात भर किशोरी को अपने कार्यालय में बैठाए रहे और उसके खाने-पीने का भी इंतजाम किया। डिप्टी एसएस एसके नरवरिया ने बताया कि शुक्रवार की सुबह किशोरी को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया।