शहर बाजार की समस्या को दूर करने के लिए तीसरे दिन प्रयास की ओर एक कदम आगे बढ़ाया। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस ने संयुक्त अभियान चला कर जिला अस्पताल के चारों से अतिक्रमण हटा कर पार्किंग की व्यवस्था बनाई। सभी व्यापारियों के वाहन पार्किंग स्थल पर खड़े होंगे। अब बाजार के अंदर अतिक्रमण हटाने का अभियान चलेगा। वन-वे ट्रायल तीसरे दिन फेल रहा।
सोमवार को शहर बाजार में वन-वे ट्रायल की व्यवस्था चौपट रही। बाजार के अंदर खोमचे वालों का जमावड़ा था और सड़कों पर वाहन अवैध रूप से खड़े थे। अव्यवस्था से निपटने के लिए टीएसआई सुभाष चंद्र यादव और नगर निगम के विज्ञापन प्रभारी पुष्पराज गौतम, कर अधीक्षक आनंद सिंह जेसीबी के साथ सिंधी चौराहा पहुंचे। सिंधी चौराहा से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया गया और अभियान महिला चिकित्सालय, चर्च रोड तक चलाया गया। तकरीबन एक दर्जन से अधिक खोमचों और अस्थायी दुकानों को हटाया गया। अतिक्रमण हटाने के बाद नगर निगम ने दोबारा अतिक्रमण न करने की चेतावनी देने के साथ ही वहां पर रस्सी बांध दी।
शाम तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चली। चर्च रोड और महिला अस्पताल से मिनर्वा चौराहा तक पार्किंग स्थल घोषित कर दिया गया। चर्च रोड पर भी जल्द ही वाहन खड़े करने की भी व्यवस्था नगर निगम करेगी। रानी महल के पास भी अतिक्रमण हटा कर जगह खाली कराई गई। कुल तीन स्थानों पर अब वाहन पार्क होंगे। नगर निगम के विज्ञापन प्रभारी ने बताया कि चर्च रोड का टेंडर जल्द होगा और महिला अस्पताल के पास का टेंडर पहले से ही था पर अतिक्रमण के कारण वाहन खड़े नहीं हो पाते थे। अब ऐसी समस्या खड़ी नहीं होगी।
चेतावनी देकर छोड़ा
बाजारों के अंदर अवैध कब्जा करे कारोबारी को नगर निगम के अधिकारियों ने उद्घोषणा कर चेतावनी जारी की। उन्हें मंगलवार तक का समय दिया गया। नगर निगम के विज्ञापन प्रभारी ने बताया कि पूर्व में कराई गई वीडियोग्राफी के आधार पर 309 व्यापारियों को चिह्नित किया था। लिस्ट कोतवाली पुलिस के भी सुपुर्द कर दी गई। बुधवार को यदि कोई कारोबारी चेतावनी का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
150 रुपये प्रतिमाह देना होगा
तीन स्थानों पर बनाई गई पार्किंग पर सभी व्यापारी अपने दोपहिया वाहन खड़े करेंगे। यह निर्देश टीएसआई ने जारी किया है। उन्होंने बताया कि बुधवार से वाहनों को पार्किंग स्थल पर खड़ा कराना शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक व्यापारी को स्टैंड पर वाहन खड़ा करने के एवज में 150 रुपये प्रतिमाह देना होगा। जबकि ग्राहक अपने वाहनों को ट्रायल पूरा न हो जाने तक अंदर लग जा सकेंगे।
खोमचे वाले करें सहयोग
नगर निगम के कर अधीक्षक आनंद सिंह ने खोमचे वालों से अपील की है कि वह उनके अभियान में सहयोग करें। उनका किसी भी प्रकार से कोई नुकसान नहीं किया जाएगा। एक माह के अंदर जल्द ही फेरी नीति के तहत उन्हें दो बाई दो का चबूतरा या स्थान आवंटित किया जाएगा। उस स्थान पर वह अपनी बिक्री बिना किसी रोक टोक के कर सकेंगे। शासन को फेरी नीति लागू करने के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। नवनिर्वाचित मेयर व पार्षदों की शपथ के बाद इस पर तत्काल चर्चा की जाएगी।
जोन व्यवस्था रही फेल
वन-वे के लिए आठ जाने बनाए गए थे। इनमें से बाजार के बाहरी हिस्सों में कुछ प्वाइंटों पर होमगार्ड्स तैनात रहे पर पुलिस वाले कहीं नजर आए। तैनात टीएसआई ने बताया कि कुछ होमगार्ड कोतवाली से कुछ उनके द्वारा तैनात किए गए थे। जो पुलिस वाले तैनात थे वह राउंड अप पर रहे।
ऐसी भी रही चर्चा
व्यवस्था को बनाने के लिए कई लोग एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। तो कुछ उसे विफल करने पर तुले हैं। पहली पहल में भी कुछ ऐसा नजर आया था। बावजूद टीएसआई और कोतवाली पुलिस के प्रयास के कारण किसी की एक न चली। उनके प्रयास को देख नगर निगम के अधिकारी आगे तो आए पर बाजार के अंदर कोई कार्रवाई नहीं की। सूत्रों की माने तो नगर निगम के अधिकारी नई कार्यकारिणी के गठन के बाद निर्णय लेंगे, जो कि व्यापारियों के हक में होगा।
वोट का है खेल
बाजार में कारोबारियों का अतिक्रमण हटाना मुमकिन नहीं है। क्योंकि, वोट की राजनीति है। प्रयास कई बार किए गए पर दबदबे के आगे सारे हथकंडे विफल रहे। इस बार भी ऐसा होगा।
मनीष कंचन, साड़ी विक्रेता
तीन माह से नहीं रखा कदम
बिगड़ी व्यवस्था के कारण तीन माह से शहर के बाजार में कदम नहीं रखा। अमर उजाला में वन-वे की व्यवस्था की खबर छपने के बाद सुधरी व्यवस्था की जानकारी हुई। तब जाकर आईं हूं।
दीपाली अग्रवाल, मिशन कंपाउंड
सब राजनीति है
जब पूरी तरीके से वन-वे लागू हो जाएगा और अतिक्रमण हट जाएगा। तब विश्वास होगा। राजनीति के आगे सब बेकार है। इससे पूर्व भी कई प्रयास बाजार के सुधार के लिए उठाए जा चुके हैं।
योगेश हीरवानी, साड़ी विक्रेता
पुलिस इमानदारी से करे ड्यूटी
वन-वे की व्यवस्था तभी सफल है जब पुलिस वाले अपनी ड्यूटी इमानदारी से करें। यदि, कड़ाई से पालन कराया जाए तो व्यवस्थाओं को सुधारने में देर नहीं लगेगी।
कैलाश केसवानी, साड़ी विक्रेता