भाजपा नेता आशीष उपाध्याय के सट्टा गैंग के टेक्निकल टीम के हेड इंदौर निवासी शिवेश चव्हाण (41) को भी नवाबाद पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। शिवेश के ही जिम्मे एप के लिए सर्वर का इंतजाम करना था। इसके एवज में शिवेश 50 लाख से एक करोड़ तक वसूलता था। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट के सामने पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसीपी अरीबा नोमान ने बताया कि ऑपरेशन-720 के तहत 29 अप्रैल को शुभम उपाध्याय, विजय बाधवा और नितिन अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। गिरोह के सदस्य के तौर पर भाजपा नेता आशीष उपाध्याय का नाम सामने आने के बाद उसे दिल्ली से पकड़ा गया। छानबीन में दो बेवसाइट का नाम सामने आया, जिसके सहारे करोड़ों रुपये का खेल हो रहा था। छानबीन में मालूम चला कि गोलकुआं निवासी सोहन शर्मा के पास इनका डोमेन नाम है। सोहन को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ करने पर पुलिस को सट्टेबाजों को सर्वर मुहैया कराने वाले इंदौर के हीरानगर कलाली के पीछे रहने वाले शिवेश चव्हाण का पता चला। शिवेश सर्वर मुहैया कराने के साथ ही उनके लिए एप भी तैयार करता था। इसके एवज में एक सीजन के लिए पचास लाख से एक करोड़ रुपये का किराया लेता था। एसीपी के मुताबिक शुक्रवार को उसका सुराग मिलने पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव की अगुवाई में पुलिस टीम ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से मोबाइल, लैपटाप समेत अन्य डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं।
कंप्यूटर की हर लैग्वेज में मास्टर था बारहवीं पास शिवेश
शिवेश से पूछताछ के दौरान पुलिस अफसर भी उसकी बातें सुनकर हैरत में पड़ गए। उसके पिता इंदौर में प्राइवेट काम करते हैं। शिवेश अधिक पढ़ लिख नहीं सका। उसने सिर्फ बारहवीं तक ही पढ़ाई की लेकिन, सीखने की ललक ने उसे कंप्यूटर की मुश्किल से मुश्किल लैंग्वेज का जानकार बना दिया। इसकी मदद से उसने सट्टेबाजों के लिए न सिर्फ मोबाइल एप तैयार कराए बल्कि सर्वर तक मुहैया कराया। एसीपी आरीबा नोमान के मुताबिक शिवेश बेहद शातिर है। जल्दी पैसा कमाने की खातिर वह शार्टकट तलाशता रहा। कुछ साल पहले सट्टेबाज के तौर पर अखबारों में शुभम उपाध्याय, प्रेम खटीक और नीरज गोस्वामी का नाम पढ़कर वह इनसे संपर्क करने के लिए झांसी आया था। उस दौरान प्रेम खटीक एवं नीरज गोस्वामी जेल में थे। उनसे मिलकर शिवेश ने सट्टा एप चलाने में पूरी तकनीकी मदद करने की पेशकश की। इसके बाद से शिवेश इनको तकनीकी सहायता मुहैया कराने लगा। तीनों आरोपी शिवेश के मुहैया कराए सर्वर के बदौलत ही दो एप और वेबसाइट चला रहे थे। शिवेश उनसे सर्वर का पूरा कराया एवं कमीशन वसूलता था। सर्वर का पता चलने के बाद पुलिस ने यह दोनों वेबसाइट बंद करा दी।
पार्षद पति समेत गिरोह के कई सदस्य अभी भी फरार
पुलिस को इस गिरोह के खंडेराव गेट पीको वाली गली निवासी नीरज गोस्वामी समेत पार्षद पति उनाव गेट बाहर निवासी पप्पू यादव, छनियापुरा निवासी पंकज राय, मानिक चाैक निवासी सौरभ लिखधारी, किदवई नगर निवासी सोनू चढ्ढ़ा, पनकी निवासी हरीश कुमार, बड़ागांव गेट बाहर द्वारिका कॉलोनी निवासी आकाश चंचलानी, नगरा निवासी सुमित साहू, रोशन मुंशी की तलाश है। पुलिस ने 29 अप्रैल को करीब सौ करोड़ रुपये के सट्टे का भंडाफोड़ कर दिया था।