झांसी। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा टेंडर प्रक्रिया को इंटरनेट के माध्यम से कराने के निर्देश दिए जाने के बाद भी झांसी विकास प्राधिकरण अभी तक हाईटेक नहीं हो पाया है। जेडीए में ई-टेंडर की व्यवस्था नहीं है। शासन के निर्देश के विपरीत शुक्रवार को महायोजना के डिजिटल सर्वे के लिए मैनुअल टेंडर डाले गए।
जेडीए में शामिल किए गए 64 गांवों के लिए महा योजना बनाई जानी है। इसे बनाने के लिए डिजिटल सर्वे का कार्य होना है। सर्वे के लिए जेडीए द्वारा निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। टेंडर डालने के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों से सर्वे कंपनियों के प्रतिनिधि शुक्रवार को झांसी आए। उन्होंने जेडीए के टेंडर बॉक्स में अपने टेंडर डाले।
टेंडर डालने के लिए आए प्रतिनिधियों ने जेडीए सचिव तिलकधारी यादव से ई-टेंडर के बारे में पूछा तो उन्होंने व्यवस्था न होने की बात कही। सचिव की मानें तो जेडीए के पास स्टाफ और संसाधनों की कमी है, जिससे व्यवस्थाओं का संचालन करना कठिन हो रहा है। ऐसे में नई व्यवस्था चालू कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को डाले गए टेंडर शनिवार को खोले जाएंगे।
कार्रवाई को टालने का प्रयास
लाइट एंड साउंड शो के टिकट में हुए घोटाले में कार्रवाई को टालने का प्रयास जेडीए में जारी है। जांच अभी शुरू नहीं हुई है। जांच अधिकारी का कहना है कि उन्हें लिखित आदेश नहीं मिला है। वहीं सचिव का कहना है कि वह जांच के लिए आदेश लिखित में जारी कर चुके हैं। सचिव ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने पर उसे जिलाधिकारी के पास भेजा जाएगा, वह ही इस पर एक्शन लेंगे।