अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों की टीम ने नवाचार कर एक ऐसी डिवाइस तैयार की है, जो कम रोशनी में भी नस ढूंढने में कारगर होगी। उन्होंने ये भी दावा किया है कि मोटे व्यक्ति की नस से रक्त का नमूना लेने और आईवी कैन्युला लगाना भी आसान होगा। इस डिवाइस का नाम वेन मेकर कम फाइंडर रखा गया है।
पैरामेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियाें ने कम रोशनी होने या फिर नस न मिलने पर रक्त के नमूने लेने में आने वाली समस्या शिक्षकों से साझा की थी। इसके बाद ही वेन मेकर बनाने का सुझाव आया। पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन के नेतृत्व में शिक्षकों और छात्रों की टीम ने इसे बनाने का काम शुरू किया।
निदेशक ने बताया कि अभी बाजार में जो वेन फाइंडर उपलब्ध हैं, उनसे लाल रोशनी निकलती है। इनके इस्तेमाल के लिए लैब या वॉर्ड में रोशनी काफी कम करनी पड़ती है। इसके बाद भी धमनियां सिकुड़ी ही रहती हैं। ऐसे में नस मिलने के बाद भी रक्त का नमूना लेने अथवा आईवी कैन्युला डालने में परेशानी कम नहीं होती। इन उपकरणों की कीमत बाजार में डेढ़ से दस हजार तक है।
पैरामेडिकल कॉलेज की टीम की ओर से विकसित की गई डिवाइस की कीमत 400 से 500 रुपये ही है। साथ ही यह बाजार में उपलब्ध डिवाइस से काफी उपयोगी भी है। यह डिवाइस पेंसिल आकार की बैटरी पर काम करता है। वार्ड, लैब से लेकर ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू तक में उपयोगी साबित होगा। डिवाइस में दो अलग-अलग रंग की खास तरह की एलईडी लगाई गई है। एक एलईडी के प्रकाश से जहां कम रोशनी में नस से रक्त का नमूना लेने में मदद मिलती है। वहीं, दूसरी एलईडी की रोशनी त्वचा पर पड़ते ही नस चमकने लगती है। ऐसे में आसानी से मोटे व्यक्ति की नस भी दिख जाती है।
जल्द तकनीकी स्थानांतरण होगा: निदेशक
पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक ने बताया कि डिवाइस का अनंतिम पेटेंट दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही तकनीकी स्थानांतरित भी किया जाएगा। डिवाइस विकसित करने वाली टीम में शिक्षक छवि, विकास, विद्यार्थियों में शिवांगी, प्रियंका, हर्षित, अंकिता शामिल रहे।