झांसी। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कुछ दिनों पहले ही अग्निशमन विभाग को सभी नर्सिंग होम समेत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फिर से जांच करने के आदेश दिए थे। डीआईजी ने जिन प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के उपाय नहीं हैं, उनकी एनओसी निरस्त करने के लिए कहा था। अग्निशमन विभाग अभी तक सिर्फ चुनिंदा नर्सिंग होम की ही जांच-पड़ताल ही कर सका है। फायर ऑडिट के लिए अभी तक टीम गठित नहीं हो सकी है। वहीं सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में फायर अलार्म समेत अन्य उपकरणों को दुरुस्त करने की कवायद शुरु हो गई है।
फिर जांच करेंगे मंडलायुक्त
मेडिकल काॅलेज अग्निकांड की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह पहले मंडलायुक्त ने शासन को भेजी थी जिसमें उन्होंने अग्निकांड को हादसा मानते हुए किसी को दोषी नहीं ठहराया था। अब शासन ने फिर मंडलायुक्त को ही आरोपियों की भूमिका की जांच की जिम्मेदारी दी है।
हालांकि मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे का कहना है कि शासन से इस संबंध में अब तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।