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Jhansi News: शिक्षक बोले - स्वीकार नहीं बायोमीट्रिक हाजिरी

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- शिक्षकों के दो गुटों ने अलग-अलग किया प्रदर्शन
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बायोमीट्रिक हाजिरी के विरोध में शिक्षकों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। सोमवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के दो गुटों ने शिक्षा भवन परिसर में अलग-अलग प्रदर्शन किया। यहां से एक गुट के शिक्षक पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जबकि, दूसरे गुट के शिक्षकों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन बीएसए को दिया।
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डिजिटलाइजेशन अव्यवहारिक, इसे वापस ले सरकार
शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षा भवन परिसर में शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने डिजिटलाइजेशन के आदेश को अव्यवहारिक बताते हुए इसे वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी हुई। यहां से शिक्षक पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित, अब्दुल नोमान, पुष्पेंद्र कुशवाहा, दिनेश विद्रोही, दीपक कुमार, शशिकांत सहाय, प्रतिमा कुशवाहा, पुष्पेंद्र सिंह परिहार, कुलदीप यादव, मृत्युंजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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पहले सुलझाएं समस्याएं
प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने शिक्षा भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रहीं मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। अब बायोमीट्रिक हाजिरी को थोप दिया गया है। कई बार शासन स्तर पर वार्ता होने के बाद भी शिक्षकों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अध्यक्ष अजय यादव और मंत्री प्रसून तिवारी के नेतृत्व में बीएसए को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अरुण साहू, राघवेंद्र सिंह निरंजन, ऋतुल त्रिपाठी, भानु प्रताप सिंह, डा. कादिर खान, राकेश साहू, प्रहलाद सिंह आदि मौजूद रहे।

शिक्षकों की ये समस्याएं भी उठाईं
- परिषदीय विद्यालयों की आधारभूत जरूरतों को पूरा किया जाए।
- शिक्षामित्र, अनुदेशक नियमित किए जाएं, समान कार्य के लिए समान वेतन मिले।
- शिक्षकों को राज्यकर्मियों की भांति अवकाश दिया जाए।
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
- सभी विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद बहाल कर शीघ्र पदोन्नति की जाए।
- सामूहिक बीमा और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जाए।
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दोनों गुटों के प्रदर्शन में दर्ज कराई उपस्थिति
बायोमीट्रिक हाजिरी के विरोध में शिक्षकों के दो अलग-अलग गुटों ने शिक्षा भवन परिसर में धरना प्रदर्शन किया। कई शिक्षक ऐसे नजर आए, जिन्होंने दोनों गुटों के प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कुछ देर वे एक गुट के नेताओं के साथ बैठे तो कुछ समय दूसरे गुट के नेताओं को भी दिया।
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ये संगठन भी रहे शामिल
शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हुए प्रदर्शन में एससी/एसटी बेसिक टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, टीएससीटी, बुंदेलखंड प्राथमिक शिक्षक संघ, यूटा, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, परिषदीय अनुदेशक कर्मचारी एसोसिएशन, आदर्श समायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन, अटेवा, शिक्षक/टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्र उत्थान समिति, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी संघ व चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ भी शामिल रहा।
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