संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर बने दशकों पुराने पुल से लोहे की भारी भरकम रॉड गिरकर यात्री के सिर पर जा लगी। यात्री लहूलुहान होकर प्लेटफार्म पर गिर गया। यात्री को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना रविवार सुबह 11.15 बजे की है। आगरा कैंट-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पैसेंजर से भोपाल में सम्राट कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय सतेंद्र कुमार गर्ग झांसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर पहुंचे थे। सतेंद्र स्टेशन से बाहर आने के लिए नए पुल की ओर बढ़ रहे थे। वह पुराने और बंद पड़े पुल के नीचे से गुजर रहे थे तभी पुल पर पड़ी 23 इंच मोटी लोहे की रॉड उनके सिर पर गिर गई। चोट लगते ही सतेंद्र खून से नहा गए और बेहोश होकर वहीं गिर गए। आनन फानन यात्रियों ने सतेंद्र को प्लेटफार्म नंबर एक पर बने डिप्टी एसएस वाणिज्य कार्यालय पहुंचाया। यहां डिप्टी एसएस ने रेलवे चिकित्सक को फोन कर बुलाया। चिकित्सक ने यात्री को रेलवे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
ट्रेन के कंपन से गिरी रॉड
यात्री के सिर पर गिरी लोहे की रॉड के मामले में रेलवे का अजीब-ओ-गरीब तर्क सामने आया है। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि पुल पर पड़ी रॉड ट्रेन आने के चलते हुए कंपन के कारण गिर गई थी। लेकिन, रेलवे के इस तर्क पर भी जिम्मेदारों की लापरवाही उजागर हो रही है। आखिर ऐसी जगह जानलेवा सामान क्यों छोड़ा गया।
वर्जन
एक यात्री को पुराने पुल के नीचे से गुजरते समय चोट आई थी, उसे तत्काल रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमारे लिए यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है। आगे ऐसी घटना न हो, यह भी सुनिश्चित किया गया है।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।