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कोरोना में ठप पड़ा अभियान हुआ तेज, झांसी व ललितपुर में छह दिनों में मिले 104 टीबी रोगी

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झांसी। कोरोना काल में ठप पड़ा टीबी रोगियों की पहचान करने का अभियान अब फिर से तेज हो गया है। घर-घर जाकर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान में पिछले छह दिनों में झांसी और ललितपुर में 104 टीबी रोगी मिले हैं। झांसी में 30 और ललितपुर में 74 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। यह अभियान 12 जनवरी तक जारी रहेगा।
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वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी को खत्म करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी के तहत दो जनवरी से घर-घर जाकर सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान शुरू हुआ है। टीम द्वारा संदिग्धों के बलगम की जांच और एक्सरे कराकर टीबी का पता लगाया जा रहा है। पिछले छह दिनों में झांसी और ललितपुर में टीबी के 104 नए रोगी मिल गए हैं। टीबी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ. ललित मोहन ने बताया कि क्षय रोग यानी टीबी एक संक्रामक रोग है, जो टीबी मरीजों के खांसने, छींकने और थूकने से फैलता है। क्षय रोगियों की जल्द पहचान करके उनका इलाज शुरू करना, इस बीमारी को रोकने में मदद करता है।
ये हैं लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी आना।
- खांसी के साथ बलगम आना।
- बुखार, वजन का घटना।
- भूख कम लगना।
- सीने में दर्द।
- बलगम के साथ खून आना।
ये सावधानी बरतें
- खाने-पीने का ध्यान दें।
- खांसी आने पर मुंह पर कपड़ा रख लें।
- कोर्स पूरा होने के बाद बलगम की जांच कराएं।
ये भी जानें
मस्तिष्क की टीबी में सिरदर्द, बुखार, खुमारी, गर्दन में जकड़न होना और रीढ़ की टीबी में पीठ में दर्द, बुखार और रीढ़ में सूजन आ जाती है।
टीबी का इलाज संभव है और यह रोग छूने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता है। यदि किसी को टीबी हो जाती है तो सबसे पहले वह अपनी दवा समय से ले और कोर्स पूरा करे। - डॉ. राजकिशोर, जिला क्षयरोग अधिकारी।
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