झांसी। प्रदेश सरकार राजस्व प्राप्त करने वाले विभागों को एक करने की तैयारी कर रही है। इसमें वाणिज्य कर, परिवहन व आबकारी विभाग शामिल हैं। अभी इस तरह की व्यवस्था हरियाणा में लागू है।
शासन को सबसे अधिक राजस्व वाणिज्य कर विभाग से प्राप्त होता है। इस विभाग से पंजीकृत व्यापारी जुड़े हैं। व्यापारियों को पहले रिटर्न जमा करने से लेकर हर काम के लिए कार्यालय आना पड़ता था। तब, हर अधिकारी और कर्मचारी व्यस्त नजर आता था, लेकिन जब से सभी प्रकार के फार्म व रिटर्न को ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था शुरू हुई है, तब से उनके काम का बोझ बहुत कम हो गया है। कार्य में भी पारदर्शिता आई है। यही कारण है कि विभाग में कर्मचारियों की नई भर्ती नहीं हो रही है। यही हाल, परिवहन और आबकारी विभाग का भी है। यह दोनों विभाग भी शासन को राजस्व दे रहे हैं। शासन की मंशा है कि हरियाणा की तरह राजस्व देने वाले उक्त तीनों विभागों को एक कर दिया जाए। शासन ने इस योजना पर विचार शुरू कर दिया है।
झांसी जनपद से वाणिज्य कर विभाग सालाना 500 करोड़ रुपये, आबकारी विभाग 419 करोड़ रुपये व परिवहन विभाग 120 करोड़ रुपये राजस्व देता है। इस संबंध में वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि भविष्य में राजस्व देने वाले उक्त तीनों विभागों को एक किया जा सकता है।