झांसी। राज्यपाल/कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में बुधवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की नैक की तैयारियों की समीक्षा की। कुलाधिपति को फिर से बीयू की व्यवस्थाओं के फोटो में गतिविधियां नहीं दिखाई दीं। जबकि, इससे पहले भी हुई समीक्षा बैठक में राज्यपाल ने यही निर्देश दिए थे। इसके अलावा उन्होंने जी-20 समिट के लिए मेधावी छात्रों का चयन करने के लिए कहा।
राज्यपाल ने बीयू को नैक में अच्छा ग्रेड लाने के अलावा भी एनआईआरएफ या वर्ल्ड रैंकिंग लाने के लिए भी प्रयास करने के निर्देश दिए। बीयू से पासआउट पिछले पांच सालों में स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्रों के लेक्चर कराने, मल्टीमीडिया लैब में अच्छा काम करने वाले ग्रामीण व अन्य व्यक्तियों के वीडियो रिकॉर्ड कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जी-20 समिट के लिए विश्वविद्यालय ऐसे मेधावी विद्यार्थियों का चयन करें, जो विदेशी भाषा के जानकार हों। ये छात्र जी-20 देशाें के प्रतिनिधियों से संवाद करके जानकारियों के प्रचार-प्रसार, विश्वविद्यालय के नवाचारों, स्टार्टअप तथा अन्य गतिविधियों के डिजिटल प्रचार तथा प्रदर्शनी के आयोजन से हिस्सेदारी कर सकते हैं। वहीं, राजभवन की ओर से विश्वविद्यालय को ए प्लस-प्लस ग्रेड लाने के लिए प्रयास करने के लिए कहा गया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी, कुलपति मुकेश पांडेय, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. डीके भट्ट, प्रो. एसपी सिंह, प्रो. अपर्णा राज, प्रो. पूनम पुरी, प्रो. अर्चना वर्मा, डॉ. यशोधरा शर्मा मौजूद रहीं।
मोटे अनाज से बनाएं व्यंजन
राज्यपाल ने बीयू अधिकारियों को होम साइंस, आईटीएचएम विभाग के जरिए मोटे अनाज के अलग-अलग व्यंजन बनाकर उसका प्रचार-प्रसार करें। ग्रामीणों को भी इसे बनाना सिखाएं। मोटे अनाज का लोगों को लाभ भी बताएं।