रेलवे स्टेशन पर सफाई का ठेका मिलने के बाद भी संबंधित कंपनी ने काम करने से मना कर दिया है। इस पर रेलवे ने कंपनी की जमानत राशि जब्त कर ली है। एक बार फिर सफाई की जिम्मेदारी गिने चुने कर्मचारियों पर आ गई है। इस कारण साफ सफाई व कचरे का निस्तारण कार्य प्रभावित हो रहा है।
रेलवे स्टेशन पर साफ- सफाई व कूड़ा निष्पादन का ठेका पूर्व में काम कर रही विशाखा कंपनी को दिया गया था। यह ठेका दो वर्ष के लिए 1.86 करोड़ की अनुमानित लागत पर दिया गया था। कंपनी को पंद्रह जून से काम शुरू करना था। मगर, कंपनी ने ठेका लेने के बाद काम करने से हाथ खड़े कर दिए। कारण दक्षिण भारत से सफाई के लिए आने वाली मशीनों का समय से न आना बताया गया। हालांकि, ठेका लेने से इंकार करने पर रेलवे ने कंपनी की धरोहर राशि 2.43 लाख जब्त कर ली है।
इधर, संबंधित कंपनी द्वारा मना करने के बाद साफ- सफाई व कूड़ा निष्पादन की जिम्मेदारी स्टेशन पर तैनात सफाई कर्मियों पर आ गई है। स्टेशन पर कार्य के हिसाब से नब्बे से अधिक सफाई कर्मियों की आवश्यकता है, मगर रेलवे के पास खुद के करीब पैंतीस कर्मी ही हैं। उसमें से भी प्रतिदिन कुछ अवकाश व छुट्टी पर रहते हैं। इससे स्टेशन की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। हालांकि, रेलवे ने साफ- सफाई के लिए दुबारा टेंडर मांगे हैं। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है।