झांसी। नगर विकास मंत्री आजम खां बुधवार को झांसी आ रहे हैं। यहां वह रोजा इफ्तार में शिरकत करेंगे। इस दौरान वह अधिकारियों से यहां का हाल पूछ सकते हैं। वह विकास भवन में कुछ योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। वह जिन रास्तों से गुजरेंगे, उन्हें चमाचम किया जा रहा है, लेकिन बाकी झांसी के ज्यादातर इलाके अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं।
बारिश ने दस्तक दे दी है, लेकिन उससे निपटने के पुख्ता इंतजाम अभी तक नहीं है। झांसी के लोग के जहन में सवाल है कि क्या मंत्रीजी शहर का दौरा कर हकीकत देखेंगे या फिर अधिकारी उन्हें समस्याओं से अवगत करवाएंगे? अमर उजाला दिखा रहा है तस्वीर.....
हर तरफ कचरे के ढेर
भांडेरी फाटक, ओरछा गेट, दतिया गेट, दरीगरान, मुकरयाना, इतवारीगंज, उन्नावगेट सहित कई स्थानों में कचरे के ढेर हैं। इन रास्तों से बिना नाक में रूमाल रखे नहीं गुजरा जा सकता है। न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही कचरा उठाया जा रहा है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी कोतवाली से मिनर्वा चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर कचरे के ढेरों का सामना करना पड़ता है। झांसी से रोज कोई 300 टन कचरा निकलता है लेकिन 200 टन से ज्यादा नहीं उठाया जाता। जाहिर है कि इतना कचरा फैला रहता है।
गड्ढे ही गड्ढे
ग्वालियर रोड क्रासिंग के पास, आंतिया तालाब सेन समाज मंदिर के सामने, गोविंद तिराहे से इलाइट चौराहे की ओर आने वाले मार्ग पर, सीपरी बाजार में ओवरब्रिज उतरने के स्थान पर कलारी के सामने कई गहरे गड्ढे जानलेवा हैं। बीकेडी चौराहे से खंडेराव गेट तक सड़क में कई जगह गड्ढे हैं। तेज बारिश में ये गड्ढे भर जाएंगे और तब कोई इन गड्ढों पर गिर सकता है। कुछ गड्ढे तो इतने गहरे हैं कि उसमें आदमी डूब जाए।
बजबजा रहे हैं नाले
नालों की सफाई का काम अधूरा है। 40 फीसदी नाले तो साफ ही नहीं हुए। शहर में 164 छोटे और 42 बड़े नाले हैं। जिन नालों का साफ करने का दावा किया जा रहा हा, वहां भी सिल्ट जमी है। महापौर ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की खिंचाई की थी लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा। कुछ सिल्ट हटाई भी तो उसे सड़क और नाले के किनारे छोड़ दिया गया। इससे गंदगी वहीं की वहीं रह गई। जाहिर है कि तेज बारिश हुई तो सिल्ट फिर नाले में चली जाएगी और उफनाते नाले आसपास रहने वालों के लिए मुसीबत बन जाएंगे।
अतिक्रमण बना नासूर
मिनर्वा चौराहे से गोविंद चौराहे तक न्यू रोड हो या हो मंडी या फिर बस स्टैंड के पास का इलाका। मानिक चौक हो या बड़ाबाजार। कोई भी सड़क ऐसी नहीं मिलेगी, जहां फुटपाथ को दुकानदारों अथवा हाथ ठेले और गुमटी वालों ने घेरा न हो। इससे सड़कें तो संकरी हुई ही, यातायात भी जोखिम भरा हो गया। यदा-कदा अतिक्रमण हटता भी है तो दूसरे दिन फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। अभी हफ्ते भर पहले जेल चौराहे के आसपास अतिक्रमण हटाया गया था लेकिन 24 घंटे बाद ही वहां फिर कब्जे हो गए।
...ताकि मंत्रीजी को सब हरा-भरा दिखे
नगर विकास मंत्री आजम खां कुंज वाटिका और विकास भवन आएंगे। वह विकास योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। वह जिन सड़कों से गुजरेंगे, वे दुरुस्त की जा रही हैं। नगर निगम की टीम सफाई और सड़कों को दुरुस्त करने में जुटी रही। स्ट्रीट लाइटें भी ठीक की गईं। सड़क के बीचों बीच बनाए गए डिवाइडरों जो कल तक कचरे से पटे या खाली थे, उन्हें रातों-रात मिट्टी से भर दिया गया और इनमें 2 से 4 फीट ऊंचे पौधों को रोपित कर दिया गया, ताकि सब हरा-भरा दिखे। बुधवार को तो पूरा अमला उनके स्वागत में एक पैर पर खड़ा दिखाई देगा। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि मंत्री पूरे शहर का दौरा कर लें तो शायद झांसी की तस्वीर ही बदल जाए।
आजम खां के कार्यक्रम
नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां बुधवार को दिन में 2 बजे झांसी आएंगे। वह सर्किट हाउस से 3 बजे विकास भवन आएंगे। वहां अधिकारियों की बैठक के बाद विकास की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे। शाम को 7 बजे रोजा इफ्तार में शिरकत करने कुंज वाटिका जाएंगे।